कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार (13 अप्रैल) को जोर देकर कहा कि इस सप्ताह संसद के विशेष सत्र में विधेयक लाने का सरकार का असली मुद्दा महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन है. सोनिया गांधी ने दावा किया कि यह परिसीमन प्रस्ताव अत्यंत खतरनाक है और संविधान पर भी हमला है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लोकसभा में सीटों की संख्या में वृद्धि करने वाले किसी भी परिसीमन को केवल गणितीय रूप से ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी न्यायसंगत होना चाहिए.
महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की असल मंशा जाति आधारित जनगणना को और टालने तथा उसे पटरी से उतारने की है.
सोनिया गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर कोई विवाद नहीं है. यह साल 2023 में ही पास हो गया था. महिला आरक्षण को लागू करने को जनगणना और परिसीमन से जोड़ा गया, लेकिन विपक्ष ने इसका जमकर विरोध किया था. विपक्ष ने साल 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले से ही लागू करने की मांग थी, लेकिन तब उस समय सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया था और अब इसको लेकर हायतौबा मचा रही है.
महिला आरक्षण अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों पर विचार और उन्हें पारित करने को लेकर संसद के 3 दिवसीय स्पेशल सत्र से पहले जोरदार सियासी माहौल बना हुआ है. विपक्षी दल इस सत्र के आयोजन की टाइमिंग को लेकर निशाना साध रहे हैं. अब कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी आलोचना की है, उन्होंने एक अखबार में लिखे अपने लेख में कहा कि महिला आरक्षण मुद्दा नहीं है, असली मुद्दा तो परिसीमन है.
सोनिया गांधी ने एक अखबार के लिए लिखे लेख में कहा, “प्रधानमंत्री विपक्षी दलों से उन विधेयकों का समर्थन करने की अपील कर रहे हैं, जिन्हें सरकार संसद के एक स्पेशल सत्र के जरिए ठीक उस समय जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनावी अभियान अपने चरम पर होगा, जल्दबाजी में पारित करवाना चाहती है. इसका वजह साफ है कि वह राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है.
इनकी सारी कवायद परिसीमन को लेकर है न कि महिला आरक्षण. परिसीमन का मामला ही असली मुद्दा है. उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ तो पहले ही पारित हो चुका है.
महिला आरक्षण 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ही लागू करने की मांग की गई थी, लेकिन तब इसे सरकार ने लागू नहीं किया था. अब सरकार 2029 से लागू करने की बात कर रही है. महज 30 महीने में U-turn पर सवाल उठ रहे हैं.
परिसीमन को लेकर आशंका जताते हुए सोनिया ने कहा कि परिसीमन के दौरान लोकसभा सीट बढ़ोतरी में राजनीतिक संतुलन जरूरी हो गया है. परिसीमन को लेकर दक्षिण और छोटे राज्यों को नुकसान की आशंका दिख रही है. परिसीमन प्रक्रिया जल्दबाजी में करना संविधान पर हमला है. जनगणना में देरी पर भी सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि 2021 की जनगणना में देरी की गई जिससे 10 करोड़ लोग खाद्य सुरक्षा लाभ से वंचित हो गए.
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