Dharm Desk :- ज्योतिष में राहु को एक छाया ग्रह माना गया है। मान्यता है कि कुंडली में राहु की स्थिति अशुभ होने पर इंसान को अचानक आने वाली बाधाओं, काम में रूकावट, भ्रम और मानसिक तनाव जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में राहु की शांति के लिए ज्योतिष में कई तरह के उपाय बताए गए हैं। इनमें कांच के बर्तन और कपड़ों में डालने वाली नील से जुड़ा एक उपाय भी प्रचलित है। इस उपाय में कांच के गिलास या कटोरे में पानी लेकर उसमें कपड़ों में इस्तेमाल होने वाला नीला नील मिलाया जाता है । इस पानी को रात भर बिस्तर के पास सिरहाने रखकर सोने और सुबह उसे शौचालय में प्रवाहित कर दें। हालांकि, इस उपाय के प्रभाव और इससे राहु के अशुभ प्रभाव कम होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसे धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यता के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
उपाय करने की विधि
सबसे पहले एक साफ कांच का गिलास या कांच का कटोरा लें।
इसमें साफ पानी भरें।
पानी में कपड़ों में इस्तेमाल होने वाला नीला नील (उजाला) लगभग 4 से 5 बूंद डालें।
नील मिलाने के बाद पानी का रंग नीला या बैंगनी दिखाई दे सकता है।
रात में इस गिलास या कटोरे को बिस्तर के पास सिरहाने की तरफ रखकर सोने की बात कही गई है।
अगले दिन सुबह उठने के बाद, सामग्री के अनुसार, बिना नहाए-धोए या फ्रेश हुए इस पानी को सीधे शौचालय में ले जाकर प्रवाहित करने की विधि बताई गई है।

इस उपाय की धार्मिक मान्यता
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार कांच और नीले रंग से जुड़ी वस्तुओं का संबंध राहु के उपायों से माना जाता है । इस उपाय को लेकर ऐसी भी मान्यता है कि रातभर रखा गया नील वाला पानी आस-पास की नकारात्मक ऊर्जा को अपने भीतर समाहित करता है और सुबह उसे बाहर प्रवाहित करने से नकारात्मकता दूर होती है। मान्यता यह भी है कि नियमित रूप से इस उपाय को करने से राहु की अशुभता कम हो सकती है, मानसिक तनाव और बाधाओं में राहत मिल सकती है, तथा रुके हुए कामों के बनने की परिस्थितियां अनु कूल होने लगती है।
ध्यान रखने वाली बात
यह उपाय धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है, इसलिए इसके परिणाम व्यक्ति-व्यक्ति के विश्वास और मान्यता से जुड़े है। यदि किसी समस्या का संबंध स्वास्थ्य, मानसिक तनाव या किसी अन्य व्यावहारिक परिस्थिति से हैं, तो उसके लिए उचित विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित होता है।


