Dharm Desk – जीवन में मिलने वाली खुशियां तरक्की और सुख-शांति सिर्फ हमारे कर्मों पर ही निर्भर नहीं करतीं बल्कि हमारे पूर्वजों का अनदेखा आशीर्वाद भी इसमें बड़ा योगदान होता है। जब घर-परिवार में बिना कारण परेशानियां आने लगें कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हों या आर्थिक तंगी घेर ले तो यह इशारा होता है कि हमें अपने पितरों का स्मरण और उनका आदर-सत्कार करना चाहिए। शास्त्रों में दान-पुण्य को एक ऐसी चाबी बताया गया है जो बंद किस्मत के दरवाजों को पल भर में खोल सकती है।

जब हम बिना किसी स्वार्थ से जरूरतमंदों को भोजन अन्न और कपड़े जैसी सात्विक वस्तुएं भेंट करते हैं। तो इससे पैदा होने वाली सकारात्मक ऊर्जा हमारे पूरे जीवन को प्रकाशित कर देती है। यह पावन समय केवल एक परंपरा निभाने का जरिया नहीं है बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ने, पुरानी भूलों की क्षमा मांगने और अपने कुल की तरक्की के लिए पूर्वजों का वरदान पाने का सबसे सुनहरा अवसर होता है। सच्चे मन से किया गया एक छोटा सा दान भी जीवन के बड़े से बड़े संकट को टालने का सामर्थ्य रखता है। पितृपक्ष में गेहूं, चावल या अन्य सात्विक अन्न का दान करने से घर की दरिद्रता दूर होती है और परिवार में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है।

पितृपक्ष में इन चीजों का दान दिलाएगा पितरों का आशीर्वाद

1.गुड़ और शक्कर
गुड़ या शक्कर का दान करने से जीवन में मिठास आती है।खुशहाली की प्राप्ति होती है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है।

2.नमक
नमक का दान करने से इंसान को वर्षों पुराने कर्ज से मुक्ति मिलती है और पितृदोष की शांति होती है।

3.हरी-ताजी सब्जी
जरूरतमंदों को आलू, टमाटर जैसी सब्जियों का दान करने से घर की गरीबी और आर्थिक तंगी दूर होती है।

4.देसी घी
शुद्ध घी का दान करने से पूर्वजों की आत्मा को परम शांति मिलती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

5.दक्षिणा
अन्न और खाद्य सामग्रियों के साथ अपनी सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा का दान करने से घर में समृद्धि आती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।