अजयारविंद नामदेव, शहडोल। जिले में रेत का ठेका नहीं होने का नतीजा अब लगातार खतरनाक और जानलेवा हादसों के रूप में सामने आ रहा है। ताजा मामला शहडोल संभागीय मुख्यालय से लगे सोहागपुर थाना क्षेत्र के बिजौरी का है, जहां अवैध रेत उत्खनन के दौरान माइनिंग टीम के आने की सूचना मिलते ही भगदड़ मच गई और रेत से भरा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ट्रैक्टर में सवार करीब 8 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से 3 की हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी घायलों का इलाज जिले के एक निजी अस्पताल में चल रहा। 

READ MORE: लोकायुक्त का छापा: आयुष कार्यालय की महिला कर्मचारी ने मांगी 10 हजार की रिश्वत, पैसे लेने पति को चौराहे पर किया खड़ा, टीम ने किया गिरफ्तार

घायलों में अमन बैगा पिता जग्गू बैगा, दैय्या पिता बिसाहू (50 वर्ष), रनिया पति गुड्डू, बुदनी पति लल्लू, शनि पिता रामचंद्र (17 वर्ष), संतु पिता डेलू (16 वर्ष), गणेश पिता दीनदयाल और सूरज पिता बबलू (24 वर्ष) शामिल हैं। हादसे के बाद रेत माफिया और सहयोगियों ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए घायलों को जिला अस्पताल न ले जाकर सीधे संभाग के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सभी का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार गणेश समेत तीन मजदूरों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।

READ MORE: उज्जैन में टला बड़ा हादसा: ब्रिज की मरम्मत कर रही क्रेन गार्डर सहित नदी में गिरी, रूट की कई ट्रेन हुई प्रभावित

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिजौरी स्थित नदी से लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का खेल जारी है। घटना के समय भी मजदूर ट्रैक्टर में रेत लोड कर रहे थे। तभी माइनिंग टीम की कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान मजदूरों से भरा ट्रैक्टर तेजी से भागने लगा, लेकिन चालक संतुलन खो बैठा और ट्रैक्टर पलट गया, जिससे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। 

READ MORE: शराब पीकर घूमने चली जाती थी मां, जमीन में भी नहीं दिया हिस्सा, बेटे ने साड़ी से मुंह दबाकर की हत्या, फिर ठिकाने लगाने कंधे पर ले गया लाश 

गौरतलब है कि शहडोल जिले के लगभग सभी नदी-नालों से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन बेखौफ जारी है। सबसे बड़ी बात यह है कि संभागीय मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय और निवास होने के बावजूद यह काला कारोबार खुलेआम चल रहा है। पहले भी रेत माफिया के कारण कई गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें एक पटवारी और एक पुलिस एएसआई की कुचलकर मौत तक हो चुकी है, जबकि कई बार तहसीलदार, फॉरेस्ट और माइनिंग टीम पर हमले भी हो चुके हैं। इसके बावजूद पुलिस और संबंधित विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम नजर आ रहे हैं। नतीजा यह है कि अवैध रेत खनन का यह कारोबार अब सीधे तौर पर लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है और प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार करता दिख रहा है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m