केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया है कि भारत में भी बांग्लादेश और फ्रांस जैसी हिंसा, आगजनी और लूटपाट की साजिश रची गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत-विरोधी गिरोहों और कुछ राजनेताओं ने मिलकर युवाओं को भड़काने और सड़कों पर अराजकता फैलाने की योजना बनाई थी।
किरेन रिजिजू के इस बयान के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- भारत न बांग्लादेश है, न फ्रांस: केंद्रीय मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि साजिशकर्ता यह भूल गए हैं कि भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस।
- सत्ता परिवर्तन सिर्फ चुनाव से: उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में सत्ता परिवर्तन (रिजीम चेंज) बिल्कुल हो सकता है, लेकिन यह केवल लोकतांत्रिक तरीके से चुनावों के जरिए होगा, जॉर्ज सोरोस या विदेशी ताकतों के जरिए नहीं।
- ‘दिमागी नक्सल’ बनाम देशभक्त: रिजिजू ने देश के मौजूदा हालात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब लड़ाई देश के संविधान को मानने वाले देशभक्त भारतीयों और अराजकता फैलाने वाले ‘दिमागी नक्सलियों’ के बीच खिंच चुकी है।
पहले भी साध था निशाना
इससे पहले किरेन रिजिजू ने 15 अक्टूबर को भी एक पोस्ट शेयर किया था. इसमें उन्होंने कहा था, ‘लड़ाई की रेखा खिंच चुकी है। एक तरफ दिमागी नक्सली हैं और दूसरी तरफ देशभक्त भारतीय। एक तरफ भारत के संविधान में विश्वास रखने वाले लोग हैं और दूसरी तरफ अराजकतावादी हैं।’ उन्होंने आगे कहा था कि अब लड़ाई भारत-विरोधी ताकतों और उन देशभक्त भारतीयों के बीच है, जो भारत की रक्षा करना चाहते हैं।
इसके बाद 17 अक्टूबर को किरेन रिजिजू ने ‘रिजीम चेंज’ की बात करने वालों पर निशाना साधा। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘बड़े आए “रिजीम चेंज” करने वाले!! कान खोलकर सुन लो, भारत बांग्लादेश नहीं है!’ उन्होंने आगे कहा कि भारतीय युवा मूर्ख नहीं हैं, बल्कि वे भारत का निर्माण करेंगे, उसे नष्ट नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि देश के युवा मेडल जीत रहे हैं और स्किलिंग, इनोवेशन, स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी के साथ-साथ सांस्कृतिक क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहे हैं।
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