Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई से भाग रहे तीन संदिग्धों को राजस्थान की कोटा पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया। पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के निर्देश पर टीम तुरंत स्टेशन के लिए रवाना हुई।

सीआई रामबिलास मीणा, सीआई रामस्वरूप मीणा समेत तीन पुलिसकर्मियों की सक्रियता इस कार्रवाई में अहम रही। पुलिस के मुताबिक, पुणे से जयपुर जा रही ट्रेन में संदिग्धों की तलाश के दौरान एक व्यक्ति का चेहरा दिखा, जिसके बाद टीम ने तीनों को हिरासत में ले लिया।

ट्रेन के गेट पर दिखा चेहरा, पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई

कोटा पुलिस की टीम सिविल ड्रेस में रेलवे स्टेशन पहुंची थी। वहां आउटर और प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान पुणे से जयपुर जा रही ट्रेन स्टेशन पर पहुंची।

पुलिसकर्मी ट्रेन में संदिग्धों की तलाश कर रहे थे। तभी एक व्यक्ति कुछ खाने के लिए ट्रेन के गेट से बाहर झांकने लगा। पुलिस की नजर उस पर पड़ी और उसे तुरंत पकड़ लिया गया। इसके बाद ट्रेन के अंदर केबिन में बैठे दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में ले लिया गया।

कार्रवाई की खास बात यह रही कि पुलिसकर्मियों को शुरुआत में यह जानकारी नहीं थी कि संदिग्ध किस वारदात के बाद भाग रहे हैं। उन्हें केवल उन्हें पकड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी।

बाइक से पहुंचे थे मुंबई के अंधेरी, फिर बदला रास्ता

पुलिस की जांच के मुताबिक, रितिक नाम के आरोपी ने वारदात से दो दिन पहले बाइक खरीदी थी। इसी बाइक से संदिग्ध कथित तौर पर घटनास्थल तक पहुंचे थे। इसके बाद वे अंधेरी रेलवे स्टेशन की ओर गए।

जांच में सामने आया कि संदिग्ध वहां से दो-तीन स्टेशन आगे ट्रेन से उतरे और कैब से सूरत पहुंचे। इसके बाद उन्होंने पुणे से जयपुर जाने वाली ट्रेन पकड़ी और राजस्थान के रास्ते आगे बढ़ने लगे।

पुलिस के अनुसार, उनकी कथित योजना जयपुर से दिल्ली और फिर नेपाल जाने की थी। हालांकि, कोटा में ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

गैंग सरगना के संपर्क में होने का दावा

जांच के दौरान संदिग्धों के कथित तौर पर गैंग सरगना पंडित अनिल के संपर्क में होने की बात सामने आई। बताया गया कि वे एक ऐप के जरिए उससे बातचीत कर रहे थे।

पुलिस के मुताबिक, सूरत में संदिग्धों ने दो मोबाइल फोन तोड़कर फेंक दिए थे। वहीं, दो अन्य मोबाइल फोन बरामद किए गए। हथियारों को भी रास्ते में कहीं छिपाने या फेंकने की बात सामने आई है।

जांच में यह भी सामने आया कि आने-जाने और खाने-पीने के खर्च के लिए संदिग्ध कथित तौर पर स्कैनर के जरिए गैंग सरगना को भुगतान कर रहे थे। इन पहलुओं को लेकर जांच की जा रही है।

पहचान छिपाने के लिए ट्रेन में काटे बाल

पुलिस के अनुसार, एक संदिग्ध ने ट्रेन के भीतर कैंची से अपने बाल काट लिए थे। बताया गया कि उसने ऐसा अपनी पहचान छिपाने और पुलिस को चकमा देने के लिए किया।

हालांकि, पहचान छिपाने की इस कथित कोशिश के बावजूद पुलिस टीम संदिग्धों तक पहुंच गई। ट्रेन में निगरानी और समय पर कार्रवाई ने उन्हें आगे बढ़ने का मौका नहीं दिया।

मुख्य प्लेटफॉर्म के बजाय दूसरे रास्ते से निकाला

संदिग्धों को पकड़ने के बाद पुलिस ने उन्हें रेलवे स्टेशन के मुख्य प्लेटफॉर्म से बाहर नहीं निकाला। सुरक्षा और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए उन्हें पहले रंगपुर की ओर ले जाया गया। इसके बाद सीढ़ियों के रास्ते ऊपर लाकर पुलिस की गाड़ियों तक पहुंचाया गया।

वहां से तीनों को सिटी एसपी कार्यालय ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। आगे की कार्रवाई के लिए उन्हें मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया।

दो मिनट में रवाना हुई टीम, कोटा पुलिस की कार्रवाई चर्चा में

इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई अहम रही। पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के निर्देश मिलने के बाद टीम महज दो मिनट में रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हो गई थी।

शुरुआत में वारदात की पूरी जानकारी नहीं होने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने स्टेशन पर निगरानी रखी और ट्रेन में संदिग्धों की तलाश की। इसी दौरान एक संदिग्ध का चेहरा दिखने पर कार्रवाई की गई और तीनों को पकड़ लिया गया।

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पकड़े गए तीनों संदिग्धों को आगे की जांच के लिए मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया है। मामले में उनकी भूमिका और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

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