नतीजा घोषित हुआ तब टॉपर टिकेश के पिता अपने पान ठेले में थे बैठे, सपने में नहीं थी इस नतीजे की उम्मीद

रोहित कश्यप/मुंगेली, सुदीप उपाध्याय/वाड्रफनगर। 12वीं बोर्ड की परीक्षा जिस पर घोषित की जा रही थी, तब प्रदेश में टॉप आने वाले टिकेश के पिता अपने पान ठेले में बैठे थे. बेटे के टॉप में आने की खबर पर वे क्या प्रतिक्रिया दें, उनकी समझ नहीं आ रहा था, क्योंकि परिवार ने सपने में भी बेटे के टॉप में आने की उम्मीद नहीं थी.

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मुंगेली जिला के लिम्हा जैसे एक छोटे से गांव में रहने वाले टिकेश के पिता शिवकुमार वैष्णव का बिलासपुर- मुंगेली मुख्य मार्ग पर एक छोटा सा पान ठेला है, जिससे उनके परिवार का गुजर-बसर होता है. माध्यमिक शिक्षा मंडल में द्वारा आज जब 12वीं के नतीजे घोषित किया गया, तब टिकेश के पिता तब पान ठेला खोल कर बैठे थे. इस दौरान जब किसी ने उन्हें टिकेश के टॉप करने की ख़बर दी, तो उनके आंखों से अनायास आंसू निकल आए.

मुंगेली के सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र टिकेश ने बातचीत में कहा कि वह आगे चलकर मैकेनिकल इंजीनियरिंग की क्षेत्र में पढ़ाई करना चाहते है. इधर सरस्वती शिशु मंदिर के संरक्षक प्रकाश लोढ़ा ने पूर्व संरक्षक स्वर्गीय फूल चंद जैन की स्मृति में टिकट वैष्णव के आगे की पढ़ाई का खर्चा वहन करने की घोषणा की है.

वाड्रफनगर के नीतीश चंद्रा ने भी बनाई जगह

बलरामपुर जिले के ही वाड्रफनगर रजखेता के निजी स्कूल में अध्ययनरत नीतीश चन्द्रा ने भी 12वीं की परीक्षा में 95% अंक अर्जित कर टॉप टेन सूची में भी शामिल हुए है. नीतीश भविष्य में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनने की इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि अपने माता-पिता के प्रोत्साहन और शिक्षकों से मिले मार्गदर्शन से वे टॉप टेन सूची में शामिल हो पाए हैं. नीतीश के पिता पेशे से शिक्षक है, और वर्तमान में उनकी पदस्थापना जांजगीर चाम्पा जिले में है.

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