Udaipur Central Jail में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर नरेश की बैरिक से मोबाइल, एलईडी टीवी और इंडक्शन मिलने के मामले में पुलिस ने तीन बंदियों को गिरफ्तार किया है। 15 सितंबर को हुए अचानक तलाशी अभियान में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ मोबाइल चार्ज करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई थी। अब भूपालपुरा थाना पुलिस जेल के भीतर प्रतिबंधित सामान पहुंचने के तरीके और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

जांच कर रहे भूपालपुरा थानाधिकारी रतनसिंह चौहान के अनुसार, इस मामले में निखिल रावत, उसके भाई विशाल रावत और महावतवाड़ी निवासी सोहेल उर्फ अन्ना को गिरफ्तार किया गया है। निखिल और विशाल रावत एकलव्य कॉलोनी के निवासी बताए गए हैं। पुलिस की पूछताछ में मोबाइल चार्ज करने के तरीके से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है।
अचानक तलाशी में सामने आया मामला
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर 15 सितंबर को पुलिस टीमों ने उदयपुर सेंट्रल जेल में अचानक तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान हिस्ट्रीशीटर नरेश की बैरिक से कीपैड मोबाइल, एलईडी टीवी और इंडक्शन बरामद हुए। मोबाइल चार्ज करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई। जेल के भीतर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिलने के बाद सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठे। पुलिस ने बरामद सामान के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
बिस्तर के नीचे मिली डाटा केबल
जांच के दौरान पुलिस को दूसरी बैरिक से भी मोबाइल मिला। इसके बाद बंदी हितेष रावत, नरेश, निखिल रावत, विशाल रावत, हिमांशु रावत और सोहेल उर्फ अन्ना से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान विशाल रावत ने अपने बिस्तर के नीचे से एक डाटा केबल निकालकर पुलिस को दी। उसने बताया कि इसी केबल से मोबाइल चार्ज किया जाता था। साथ ही, उसने मोबाइल नरेश का होने की बात भी स्वीकार की। तलाशी में बैरिक से बीड़ी-सिगरेट, एक थैली में इलेक्ट्रॉनिक बीपी इंस्ट्रूमेंट और एक अडॉप्टर भी मिला। बैरिक की दीवार पर एलईडी टीवी लगी थी, जबकि एक प्लेटफॉर्म पर इंडक्शन रखा हुआ था।
अब जेल के भीतर सामान पहुंचने के तरीके की जांच
मामले में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने तीन बंदियों को गिरफ्तार किया है। अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि मोबाइल, टीवी, इंडक्शन और अन्य सामान जेल के भीतर कैसे पहुंचा। पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि सामान पहुंचाने में किसी जेलकर्मी या अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। हालांकि, इस संबंध में जांच के नतीजे सामने आना बाकी है।
प्रवीण पालीवाल हत्याकांड में भी आया था नरेश का नाम
कुख्यात हिस्ट्रीशीटर नरेश का नाम वर्ष 2014 में हुए प्रवीण पालीवाल हत्याकांड में मुख्य सूत्रधार के तौर पर सामने आया था। वह लंबे समय से उदयपुर के अपराध जगत में सक्रिय बताया जाता है। अब उसकी बैरिक से मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिलने के मामले में पुलिस की जांच जारी है।
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