मुजफ्फरपुर। उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा छात्रों का एडमिशन रद्द होने या संस्थान बदलने पर फीस वापस न करने या आनाकानी करने के मामलों पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन न करने वाले विश्वविद्यालयों और संबद्ध कॉलेजों को अब इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस संबंध में यूजीसी ने सभी राज्यों के राज्यपाल सह कुलाधिपति, प्रमुख सचिवों और उच्च शिक्षा सचिवों को पत्र लिखकर सख्त निर्देश सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है।

​बार-बार चेतावनियों के बावजूद मनमानी जारी

​यूजीसी के अनुसार, बार-बार निर्देश जारी करने और फोन पर संपर्क करने के बावजूद कई संस्थान तय फीस वापसी नीति की अनदेखी कर रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को न सिर्फ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, बल्कि मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। आयोग ने इससे पहले दिसंबर 2020 से लेकर जुलाई 2025 तक कई बार दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके बावजूद लगातार शिकायतें मिलने पर यूजीसी ने अब राज्यपाल स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की है। आयोग ने अपने पत्र के साथ प्रभावित छात्रों का विवरण और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों की सूची भी भेजी है।

​जानिए क्या हैं यूजीसी के फीस वापसी के नियम

​यूजीसी की नीति के मुताबिक, दाखिला रद्द करने के आवेदन और अंतिम तिथि के बीच के अंतर के आधार पर फीस रिफंड तय होता है। तय समय-सीमा के भीतर दाखिला रद्द करने पर संस्थान अधिकतम एक हजार रुपए प्रोसेसिंग फीस काट सकते हैं:

  • ​100 प्रतिशत रिफंड: दाखिले की अंतिम अधिसूचित तिथि से 15 दिन या उससे पहले सूचना देने पर।
  • ​90 प्रतिशत रिफंड: अंतिम तिथि से 15 दिन के भीतर सूचना देने पर।
  • ​80 प्रतिशत रिफंड: अंतिम तिथि के बाद 15 दिन या उससे कम समय के भीतर सूचना देने पर।
  • ​50 प्रतिशत रिफंड: अंतिम तिथि के 16 से 30 दिन के भीतर सूचना देने पर।
  • ​शून्य रिफंड: अंतिम तिथि के 30 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद सूचना देने पर।

​प्रशासनिक लापरवाही नहीं, अब गंभीर शिकायत

​यूजीसी ने साफ कर दिया है कि फीस लौटाने में देरी या मना करना महज प्रशासनिक लापरवाही नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर छात्र की शिकायत है। इसे ‘छात्र शिकायत निवारण विनियम, 2023’ के तहत औपचारिक शिकायत की श्रेणी में शामिल किया गया है। आयोग के इस कड़े कदम से मनमानी करने वाले संस्थानों में हड़कंप मच गया है।