प्रदीप मालवीय, उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन जिले के ग्राम ढेडिंया में 2 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित सर्वसुविधायुक्त ग्राम पंचायत भवन सह मैरिज गार्डन का भव्य लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने स्वामित्व योजना के तहत जिले के 74 हजार 791 ग्रामीण मकान मालिकों को ऑनलाइन रजिस्ट्री का निष्पादन सौंपा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार स्वामित्व योजना के माध्यम से गांव के लोगों को उनके मकानों की कानूनी रजिस्ट्री देकर उन्हें संपत्ति का असली मालिक बना रही है और ग्रामीण बहनों को आत्मनिर्भर बना रही है।
ग्राम ढेडिंया में बना प्रदेश का पहला अनूठा मैरिज गार्डन
मुख्यमंत्री ने सराहना करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत ढेडिंया ने प्रदेश में एक अनूठा और मिसाल कायम करने वाला काम किया है। लगभग 5 बीघा क्षेत्रफल में फैले इस सर्वसुविधायुक्त मैरिज गार्डन के बनने से अब ग्राम पंचायत की आय में इजाफा होगा और आमजन को बेहद किफायती दरों पर विवाह व अन्य आयोजनों के लिए आधुनिक सुविधा मिल सकेगी। इस परिसर में 26 सर्वसुविधायुक्त कमरे, 12,880 वर्गफीट का विशाल डोम, 3,600 वर्गफीट का किचन शेड, आकर्षक ग्रीन लॉन, छोटा स्विमिंग पूल और भव्य स्टेज का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 37 लाख की लागत से बने नए पंचायत भवन में सरपंच, सचिव, पटवारी कक्ष के साथ एक मीटिंग हॉल भी तैयार किया गया है।
स्वामित्व योजना में उज्जैन जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि उज्जैन जिले में अब तक 74,791 हितग्राहियों के मकानों की रजिस्ट्री का कार्य पूरा हो चुका है, जिसके चलते स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में उज्जैन जिला पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि पहले केवल शहरी क्षेत्रों के लोगों के पास ही संपत्ति की रजिस्ट्री हुआ करती थी, गांवों में मकानों की कोई कानूनी कीमत नहीं समझी जाती थी। लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये का बजट रखकर ग्रामीण पट्टेदारों और मकान मालिकों के लिए पूरी तरह निःशुल्क रजिस्ट्री की योजना चलाई है, जिससे अब गांवों में भी संपत्ति को पुख्ता कीमत और पहचान मिली है। पूरे प्रदेश में इस योजना के तहत 50 से 70 लाख लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।

वस्त्र उद्योग और होमस्टे योजना से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
ग्रामीण महिलाओं और आर्थिकी को मजबूत करने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ढेडिंया की बहनें अब पूरी तरह आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। गांव में ही खुले वस्त्र उद्योग में सिलाई का कार्य करके महिलाएं 12 से 15 हजार रुपये प्रति माह तक कमा रही हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि उज्जैन के समीप होने के कारण यहां के ग्रामीण अपने घरों में अतिरिक्त कमरे बनाकर ‘होमस्टे’ का संचालन कर सकते हैं। सरकार ऐसे होमस्टे निर्माण के लिए 2 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देगी और बिजली का बिल भी घरेलू दरों पर ही लिया जाएगा। साथ ही, पशुपालकों के लिए ऋण और सांची के माध्यम से हर ग्राम स्तर पर दुग्ध समितियां गठित करने की बात भी कही गई।

कार्यक्रम के अंत में स्वामित्व पंजीयन योजना में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने वाले राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में तहसीलदार अनिरुद्ध मिश्रा तथा पटवारी कृष्णचंद्र शर्मा, कार्तिकेय सेंगर, और कमलेन्द्र मिश्रा प्रमुख रूप से शामिल रहे।

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