प्रदीप मालवीय उज्जैन। देश में पहली बार धार्मिक स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए लाए जा रहे टेंपल बॉन्ड को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। उज्जैन विकास प्राधिकरण के इस फैसले पर अब सियासत तेज हो गई है। फैसले के विरोध में उतरी कांग्रेस पार्टी ने उज्जैन के प्रमुख टॉवर चौराहे पर अनोखा प्रदर्शन करते हुए भीख मांगी और विरोध दर्ज कराया।
इन प्रमुख मंदिरों के विकास के लिए जारी होने हैं बॉन्ड
जानकारी के अनुसार, उज्जैन के काल भैरव और भूखी माता समेत 10 प्रमुख मंदिरों के साथ आगर जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध बगलामुखी माता मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए UDA द्वारा टेंपल बॉन्ड जारी किए जाने की योजना है। इन बॉन्ड्स को शेयर बाजार में लिस्ट कर देश-विदेश से निवेज जुटाए जाने का प्रस्ताव है जिससे धार्मिक स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।
कांग्रेस का आरोप- ‘बॉन्ड के नाम पर मंदिरों को बेचा जा रहा है’
जैसे ही यह प्रस्ताव सामने आया, राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं। कांग्रेस नेताओं ने टावर चौक पर प्रदर्शन के दौरान भिक्षावृत्ति कर चंदा इकट्ठा किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस का आरोप है कि ‘राम नाम की लूट है, बीजेपी सरकार मंदिरों के चंदे और सोने-चांदी में चोरी कर रही है और अब बॉन्ड के नाम पर इन 11 मंदिरों को गिरवी रखकर बेचा जा रहा है।’
पूरे प्रदेश में बड़े आंदोलन की चेतावनी
उज्जैन में कांग्रेस के नेतृत्व में हुए इस तीखे प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और सरकार को खुली चेतावनी दी गई है कि यदि टेंपल बॉन्ड का यह प्रस्ताव तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो कांग्रेस पार्टी पूरे मध्य प्रदेश में एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू करेगी। बहरहाल, इस अभिनव पहल और राजनीतिक विरोध के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।

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