देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए करीब 4 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है. स्वीकृत धनराशि में सड़क और पुल निर्माण से लेकर कुंभ मेला-2027 की तैयारियों औऱ आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए राशि शामिल है.

मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद नैनीताल जिले के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में रामनगर-कालाढूंगी-हल्द्वानी-काठगोदाम-चोरगलिया-सितारगंज-बिजटी राज्यमार्ग संख्या-41 पर निहाल नदी में क्षतिग्रस्त पुलिया के स्थान पर नया पुल बनाया जाएगा. इसके लिए 3.96 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है. प्रस्तावित पुल 21 मीटर विस्तार वाले आरसीसी सेतु के रूप में तैयार किया जाएगा.

आपदा प्रभावित परिवारों को किराये के लिए आर्थिक मदद

सरकार ने अतिवृष्टि, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को अस्थायी राहत देने के लिए भी धनराशि मंजूर की है. उत्तरकाशी जिले के मोल्डा गांव में अतिवृष्टि और भूस्खलन से प्रभावित सात परिवारों को सुरक्षित स्थान पर किराये के भवन में रखने के लिए छह महीने तक प्रतिमाह 4 हजार रुपये की दर से कुल 1.68 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं.

इसी तरह देहरादून के हाथीबड़कला क्षेत्र के पथरियापीर में आवासीय भवनों के पीछे बनी सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने के बाद चार प्रभावित परिवारों को अन्यत्र किराये के मकानों में रखने के लिए छह महीने की अवधि के लिए 96 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है.

अल्मोड़ा में आपदा पीड़ितों को भी राहत

अल्मोड़ा जिले में मानसून अवधि के दौरान प्राकृतिक आपदा में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए एक आवासीय भवन के प्रभावित परिवार को 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है. इसके अलावा प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को एसडीआरएफ के निर्धारित मानकों के तहत मिलने वाली राहत राशि के अतिरिक्त प्रति मृतक एक लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता देने के लिए भी 3 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से स्वीकृत किए गए हैं.

कुंभ-2027 की तैयारियों को भी मिलेगी रफ्तार

हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत विकास कार्यों के लिए भी सरकार ने धनराशि जारी की है. केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत कार्यों के लिए निर्धारित 100 करोड़ रुपये की सीमा के तहत दूसरे चरण में बची 20 लाख रुपये की राशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है. सरकार का कहना है कि इन स्वीकृतियों से एक ओर जहां जरूरी निर्माण कार्यों को गति मिलेगी, वहीं प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहारा उपलब्ध कराया जा सकेगा.