देहरादून. पूर्व सीएम हरीश रावत ने भाजपा और उनके नेताओं को झूठा बताते हुए तीखा हमला किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा के टुटकेबाज प्रवक्ता वर्ष 2027 के चुनावों की देहलीज में भी वर्ष 2016 के झूठ को आधार बनाकर कांग्रेस पर हमला कर रहे हैं. मैं एक से अधिक बार सार्वजनिक बयानों में कह चुका हूं कि भाजपा की 2017 की सरकार भी और 2022 की सरकार भी झूठ के गर्भ से पैदा हुई. जिस झूठ को माननीय प्रधानमंत्री से भी बुलवाया गया, मुख्यमंत्रियों में तो झूठ बोलने की होड़ लगी रही. ये दोनों सरकारें झूठ की संतानें हैं. झूठ की संतान हैं.
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आगे हरीश रावत ने कहा कि आज मैं फिर अपने आरोप को दोहरा रहा हूं कि दोनों सरकारें झूठ के गर्भ से पैदा हुई हैं और उस झूठ को माननीय प्रधानमंत्री सहित भाजपा के सभी नेताओं से बुलवाया गया और यदि भाजपा में हिम्मत है, तो मुझ पर मुकदमा दायर करें. इन झूठों को बानगी चलाने के लिए 10 वर्षों से मेरे खिलाफ CBI की इंक्वायरी हो रही है और अब ईडी की इंक्वायरी हो रही है. मैं टुटकेबाज प्रवक्ताओं से तो नहीं, मगर भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री को चुनौती दे करके कहना चाहता हूं कि वे चाहें तो कांग्रेस के 10 साल बनाम भाजपा के 17 साल पर हमसे सार्वजनिक बहस कर लें, हम तैयार हैं. लेकिन ऐसे प्रवक्ताओं का क्या जवाब दिया जाए?
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आगे हरीश रावत ने ये भी कहा कि जो प्रवक्ता अपनी सरकार के आधे से ज्यादा मंत्रियों को उनके पिछले राजनीतिक जन्म में गधा बताते हैं अर्थात पिछले 10 साल से कांग्रेस से भाजपा में सम्मिलित हुए गधों को घोड़ा बनाने में अपनी ताकत लगा रही थी. अब वे घोड़े बने हैं या नहीं बने हैं, यह तो जनता निर्णय करेगी या भाजपा स्वयं ही बता देगी कि वे घोड़े हो गए हैं. क्योंकि किसी भाजपा के बड़े नेता ने भी गधे वाले बयान का की निंदा नहीं की है. इसका अर्थ है भाजपा ने स्वीकार किया है और प्रवक्ता से कहलवाया है कि आधे से ज्यादा मंत्री गधे थे. इसलिए इन गधों के कारण ही सरकार जनता, जनकल्याण के कार्यों में विफल रही. मतलब 10 साल की विफलता का सारा बोझ सरकार चला रहे कांग्रेस से आए आधे दर्जन से ज्यादा तथाकथित गधों के ऊपर डाल दिया गया है.

