देहरादून. अंकिता भंडारी केस को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत भाजपा पर लगातार हमलावर हैं. एक बार फिर हरीश रावत ने हमला करते हुए कई सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर एक बार फिर वीआईपी का नाम पूछा है. साथ ही जांच पर भी सवाल खड़ा किया है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक वीआईपी का नाम सामने नहीं आएगा, तब तक लड़ाई जारी रहेगी.
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हरीश रावत ने पूछा, वह VIP कौन? आगे उन्होंने कहा, FIR में उसके माता-पिता की कंप्लेंट को आधार बनाया जाना चाहिए था. एक स्पॉन्सर्ड कंप्लेंट को आधार बनाया जा रहा है और CBI जांच कर रही है और वह जांच भी सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में नहीं हो रही है. पता नहीं किसकी देख-रेख में हो रही है देहरादून या दिल्ली की? आज तक उस VIP को बचाने वालों की देख-रेख में हो रही है? यह तो भगवान जाने.
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आगे उन्होंने कहा, जब तक VIP, चाहे वह कोई भी हो, चाहे वह किसी रंग, रूप और किसी भी तरीके का हो, जब तक वह वीआईपी कानून के शिकंजे में नहीं आते हैं, जब तक साक्ष्य नष्ट करने वाले कानून के शिकंजे में नहीं आते हैं, जब तक वह पुलिस के अधिकारी कानून के शिकंजे में नहीं आते हैं, जिन्होंने इस मामले को टाल मटोल करने का काम किया है, तब तक यह लड़ाई थमने वाली नहीं है.
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चिल्ला नहर से मिला था शव
19 वर्षीय अंकिता 18 सितंबर 2022 को अचानक गायब हो गई. वह ऋषिकेश के निकट वंतारा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी. पांच दिन बाद 24 सितंबर को ऋषिकेश के नजदीक चिल्ला नहर से अंकिता का शव बरामद किया गया था. मामले में पुलिस ने रिजॉर्ट के मालिक और उसके 2 साथियों को गिरफ्तार किया था.
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