देहरादून. EVM और अब VVPAT को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत का बड़ा बयान सामने आय़ा है. उन्होंने कहा कि EVM और अब VVPAT की निर्दोषिता पर भी सवाल उठ रहे हैं. यह हमारे देश की जागरुकता है कि लोग ईवीएम और वीवीपैट को लेकर, क्या इन्हें टैम्पर किया जा सकता है या नहीं किया जा सकता है. शोध कर रहे हैं और उसके बाद उन लोगों ने अपने-अपने तरीके से उसको चुनौती देने वाले इंस्ट्रूमेंट्स तैयार किए हैं.

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आगे उन्होंने कहा कि एक ऐसे ही नौजवानों का ग्रुप मेरे पास आया है, जिनके मिशन का नाम है ‘EVMhatao.com’ और राहुल भाई-चिमन भाई मेहता इस अभियान के प्रमुख हैं. इन्होंने मुझको और हमारे साथियों को, जिनमें कई लोग चुनाव लड़ चुके हैं, विधायक का भी लड़ चुके हैं और पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं और कई लोग वर्तमान समय में पार्षद हैं. नौजवानौं ने यह दिखाया कि किस तरीके से VVPAT को भी टैम्पर किया जा सकता है और उसमें उन्होंने बताया कि VVPAT को कोई देखना भी चाहे, तो उसमें जो काला शीशा लगा दिया गया है. बहुधा लोग आते हैं, एक परिवार के लोग एक साथ आते हैं या समान विचार के लोग एक साथ आते हैं, वोट डालते हैं.

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हरीश रावत ने कहा कि पहला वोट ठीक पड़ जाता है, लेकिन दूसरे-तीसरे वोट के बाद जो है, यह वोट को टैम्पर कर दिया जाता है. जिसको मतदाता देना चाहता है, उसको न पड़कर के वह काउंट जो है, VVPAT की जो फाइनल काउंट है, उसमें वह जहाँ उसको कमांड दी गई होती है, वहाँ वह वोट चला जाता है और इन्होंने यह भी बताया कि किस तरीके से जो इसकी सेंसर प्रणाली है, वह सेंसर प्रणाली को इन-इफेक्टिव कर दिया जाता है, मशीन के अपने ही मैकेनिज्म के जरिए. तो ये चीजें बहुत चिंताजनक हैं.

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हरीश रावत ने ये भी कहा कि चुनाव आयोग को लेकर के पहले ही चिंताजनक समाचार आया है, तो मैं इन नौजवानों को धन्यवाद देना चाहता हूँ कि इन्होंने अपनी जागरूकता को आगे बढ़ाने के लिए, लोगों तक ले जाने के लिए संकल्प लिया है और ‘EVMhatao.com’ की बात कही है. इनका सुझाव है कि दोनों ऑप्शन होने चाहिए वोटर के पास कि वोटर यदि ईवीएम का इस्तेमाल करना चाहता है, वह ईवीएम का इस्तेमाल करे मतदान केंद्र पर और यदि ईवीएम का इस्तेमाल न करके वह बैलट पेपर से, जो पुराना सिस्टम था उससे वोट डालना चाहता है, तो उसको पुराने सिस्टम से वोट डालने दिया जाए और मैं समझता हूँ कि यह एक ऐसा सुझाव है जिस पर संसद को विचार करना चाहिए.