चमोली/ रुद्रप्रयाग. उत्तराखंड में एक बार फिर कुदरत का कहर बरपा है. चमोली और रुद्रप्रयाग में बादल फटने से तबाही आई है. चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने की जानकारी है. वहीं रुद्रप्रयाग के बसुकेदार अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने के चलते मलबा आने से कुछ क्षेत्रों में नुकसान हुआ है. कई लोग लापता बताए जा रहे हैं. जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार रूद्रप्रयाग जिलाधिकारी प्रतीक जैन आपदा कंट्रोल रूम से लगातार अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती की कार्रवाई की जा रही है. जिलाधिकारी ने बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं.

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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी जिलास्तरीय अधिकारी जिला आपदा कंट्रोल रूम में परस्पर समन्वय के साथ लगातार कार्य कर रहे हैं. प्रभावित क्षेत्रों में NH, PWD, PMGSY की अलग-अलग टीमें रास्ता खोलने के लिए जुटी हुई हैं. प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित कर राहत एवं बचाव दल भेजे जा रहे हैं. जिला स्तर से विभिन्न अधिकारियों को संबंधित राजस्व निरीक्षक एवं अन्य कार्मिकों के साथ प्रभावित ग्रामों में तत्काल कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है.

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प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, स्यूर में एक मकान क्षतिग्रस्त होने एवं वाहन (बोलेरो) बहने, बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी गांव के दोनों ओर गदेरे में पानी और मलबा आने, किमाणा में खेती की भूमि एवं सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर व मलबा आने, अरखुण्ड में मछली तालाब एवं मुर्गी फार्म बहने, छेनागाड़ बाजार में मलबा भरने एवं वाहनों के बहने की जानकारी है. वहीं छेनागाड़ डुगर गांव में कुछ लोगों के गुमशुदा होने और जौला बड़ेथ में भी कुछ लोगों के गुमशुदा होने की सूचना है. जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है. राहत व बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं.