दीपावली के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में अस्पतालों, एंबुलेंस सेवाओं और दमकल विभाग को अलर्ट किया गया है. मेडिकल इमरजेंसी के लिए 108 और 102 एंबुलेंस के साथ लखनऊ के नौ फायर स्टेशनों के संपर्क नंबर जारी किए गए हैं.
लखनऊ. दीपावली के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेशभर के अस्पतालों, एंबुलेंस सेवाओं और दमकल विभाग को अलर्ट पर रखा है. मेडिकल कॉलेजों, जिला और मंडलीय अस्पतालों की इमरजेंसी में जलने से जुड़े मामलों के इलाज के लिए दवाएं और जरूरी सामग्री उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं. आपात स्थिति में मदद के लिए 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं भी 24 घंटे सक्रिय रहेंगी.
अस्पतालों में अतिरिक्त बेड
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई हैं. जिला अस्पतालों की इमरजेंसी में 10 से 15 अतिरिक्त बेड लगाए गए हैं. मेडिकल कॉलेजों में प्लास्टिक सर्जरी से संबंधित सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी.
पटाखों या अन्य कारणों से झुलसने वाले मरीजों को पहले प्राथमिक उपचार दिया जाएगा. इसके बाद जरूरत के अनुसार उन्हें ट्रामा सेंटर रेफर किया जाएगा. जिन मरीजों का इलाज मेडिकल कॉलेज में संभव है, उन्हें अनावश्यक रूप से केजीएमयू, एसजीपीजीआई या लोहिया संस्थान भेजने से बचने के निर्देश दिए गए हैं.
जरूरत पड़ने पर मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी उपचार के लिए केजीएमयू या पीजीआई रेफर किया जाएगा.
108 एंबुलेंस सेवा अलर्ट
दीपावली के दौरान किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए प्रदेश की 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी. एंबुलेंस सेवा संचालित करने वाली संस्था ने सभी वाहनों को तैयार रखने और सूचना मिलते ही मरीजों तक जल्द पहुंचने के निर्देश दिए हैं.
उत्तर प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस का संचालन करने वाली संस्था ईएमआरआई के प्रेसिडेंट टीवीएसके रेड्डी ने बताया कि 108 सेवा की सभी 2,200 एंबुलेंस 24 घंटे मुस्तैद रहेंगी. पुलिस और प्रशासन के सहयोग से इन्हें दुर्घटना की आशंका वाले हॉटस्पॉट पर तैनात करने की व्यवस्था की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर घटनास्थल तक जल्द पहुंचा जा सके.
सभी एंबुलेंस में जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. सड़क दुर्घटना, पटाखों से जलने, हार्ट अटैक, सांस लेने में परेशानी या किसी अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में 108 नंबर पर कॉल किया जा सकता है. सूचना मिलने पर प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) और जीवनरक्षक उपकरणों से लैस एंबुलेंस मरीज को अस्पताल पहुंचाएगी.
दमकल विभाग की तैयारी
आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग ने भी इंतजाम किए हैं. विभाग के पास मल्टी डिजास्टर रिस्पांस व्हीकल और 46 दमकल गाड़ियां तैयार हैं. इसके अलावा बड़ी संख्या में कर्मचारियों की तैनाती की गई है.
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) अंकुश मित्तल के मुताबिक, बाजारों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और बस्तियों के आसपास करीब 30 स्थानों पर दमकल गाड़ियां खड़ी की गई हैं. प्रत्येक वाहन पर चार जवान तैनात रहेंगे, जबकि अन्य कर्मचारियों को रिजर्व में रखा गया है.
प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सभी नौ फायर स्टेशनों के फायर स्टेशन अधिकारियों (एफएसओ) को अलर्ट पर रखा गया है. आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल वाहन रवाना किए जाएंगे. विभाग दमकल वाहनों के आवागमन के लिए रास्तों को जाम मुक्त रखने की व्यवस्था भी कर रहा है. अधिकारियों के अनुसार, रास्ते में बाधा नहीं होने पर दमकल की गाड़ी पांच से 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच सकती है.
आग लगने पर इन नंबरों पर करें संपर्क
लखनऊ के अलग-अलग फायर स्टेशनों के संपर्क नंबर जारी किए गए हैं. आग लगने की स्थिति में संबंधित क्षेत्र के फायर स्टेशन से इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है.
| फायर स्टेशन | संपर्क नंबर |
|---|---|
| हजरतगंज | 9454418642 |
| चौक | 9454418644 |
| पीजीआई | 9454418646 |
| आलमबाग | 9454418648 |
| इंदिरा नगर | 9454418650 |
| बीकेटी | 9454418652 |
| सरोजनीनगर | 9454418656 |
| गोमती नगर | 9454418658 |
| गोसाईगंज | 7839861686 |
मेडिकल इमरजेंसी के लिए 108 नंबर पर एंबुलेंस की मदद ली जा सकती है. वहीं, आग लगने की स्थिति में संबंधित फायर स्टेशन के जारी संपर्क नंबरों पर सूचना दी जा सकती है.

