उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए राज्य कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस देने का शासनादेश जारी किया है. पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये मिलेंगे, जबकि दैनिक वेतनभोगियों के लिए अधिकतम बोनस 1,184 रुपये निर्धारित किया गया है.
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन का तदर्थ बोनस देने का शासनादेश जारी किया है. अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, पात्र पूर्णकालिक अराजपत्रित कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये बोनस मिलेगा. इस फैसले के दायरे में सहायता प्राप्त शिक्षण और प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों तथा राजकीय विभागों के कार्यभारित कर्मचारी भी शामिल हैं.
किसे मिलेगा बोनस?
शासनादेश के मुताबिक, वेतन मैट्रिक्स के लेवल-8 तक के पदों पर कार्यरत अराजपत्रित कर्मचारी इस बोनस के पात्र होंगे. लेवल-8 का वेतनमान 47,600 रुपये से 1,51,100 रुपये तक है. बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा 7,000 रुपये तय की गई है, जिसके आधार पर अधिकतम 6,908 रुपये का भुगतान होगा.
इसके लिए सामान्य कर्मचारियों को 31 मार्च 2024 तक एक वर्ष की लगातार सेवा पूरी करना जरूरी बताया गया है. संबंधित विभागों, विश्वविद्यालयों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों को शासनादेश के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
दैनिक वेतनभोगियों की पात्रता
दैनिक वेतन पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अलग नियम निर्धारित किए गए हैं. छह कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों को 31 मार्च 2024 तक लगातार तीन वर्ष की सेवा पूरी करनी होगी. साथ ही, प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन काम करना जरूरी है.
वहीं, पांच कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 206 दिन काम करने की शर्त रखी गई है. दैनिक वेतनभोगियों के बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धि 1,200 रुपये मानी जाएगी. इस आधार पर उन्हें अधिकतम 1,184 रुपये का बोनस मिलेगा.
75 प्रतिशत राशि पीएफ में
शासनादेश के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस का 75 प्रतिशत हिस्सा उनके भविष्य निधि (पीएफ) खाते में जमा किया जाएगा. बाकी 25 प्रतिशत राशि नकद दी जाएगी.
जो कर्मचारी पीएफ के सदस्य नहीं हैं, उन्हें निर्धारित राशि राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) या सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) के माध्यम से दी जाएगी. हालांकि, शासनादेश में निर्धारित सेवानिवृत्ति संबंधी शर्तों के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को पूरी बोनस राशि नकद देने का प्रावधान किया गया है.
किन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा?
शासनादेश के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमे में दंडित कर्मचारियों को बोनस का लाभ नहीं मिलेगा. जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई या आपराधिक मामला लंबित है, उनका बोनस अंतिम निर्णय आने तक रोक दिया जाएगा.
यदि जांच या मुकदमे में कर्मचारी दोषमुक्त हो जाता है, तो उसके लंबित बोनस का भुगतान किया जाएगा.

