मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या की सियासत में हलचल तेज हो गई है. सभी दलों के नेताओं का रुख अब रामलला के दरबार की ओर है. इसी कड़ी में भाजपा मिल्कीपुर के पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ ने अपने सैकड़ों समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ भगवान श्रीरामलला के दर्शन-पूजन किए और 2027 को लेकर बड़ा सियासी संकेत दे दिया.

बाबा गोरखनाथ ने वर्ष 2024 में चलाई गई आस्था ट्रेन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के तहत देशवासियों को ट्रेन से अयोध्या लाने की योजना में उन्हें अयोध्या आस्था ट्रेन का नोडल बनाया गया था. 35 दिनों तक चले इस विशेष अभियान में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि उस समय उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर करीब 150 साथियों ने टेंट सिटी से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा तक की जिम्मेदारी संभाली थी. उसी समय उन्होंने इन समर्पित साथियों को भगवान रामलला के दर्शन कराने का वादा किया था, जिसे आज पूरा किया गया.

चुनाव पर बड़ा बयान

उनसे 2027 चुनाव लड़ने को लेकर सवाल किया तो बाबा गोरखनाथ ने बेबाक अंदाज में कहा कि इरादा कर लिया तो कर लिया, मेरा सफर किसी तूफान के डर से रुकता नहीं. हम तो भगवान के दर्शन करने जा रहे हैं, लेकिन चुनाव लड़ने का मन तो है ही. साथ ही उन्होंने भीड़ जुटाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके साथ केवल वही 100-150 पुराने साथी हैं, जिन्होंने आस्था ट्रेन के समय मेहनत की थी. अगर भीड़ जुटानी होती तो पूरा मिल्कीपुर उमड़ पड़ता.

जिसकी मस्ती जिंदा है, उसकी हस्ती जिंदा है

कार्यकर्ताओं से अपने अटूट रिश्ते पर उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ता मस्तमौला हैं. वे उनके लिए जान देने को तैयार रहते हैं और वे भी अपने कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा समर्पित हैं. उन्होंने अपने पुराने कार्यक्रमों और साथियों के योगदान को याद करते हुए कहा – जिसकी मस्ती जिंदा है, उसकी हस्ती जिंदा है.