मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है. अब ट्रस्ट और भवन निर्माण समिति का पूरा ध्यान निर्माण कंपनियों के अंतिम भुगतान, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय के विकास पर है. भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने रामकथा संग्रहालय में लगातार तीसरे दिन की चल रही बैठक से यह जानकारी दी. नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, “मंदिर का निर्माण तो पूर्ण हो गया है. पिछले दो दिनों से विस्तार से जो बैठक हुई, वह विशेष रूप से L&T और Tata सहित उन कंपनियों के भुगतान को लेकर थी, जिन्हें निर्माण कार्य सौंपा गया था.

अंतिम भुगतान से पहले बैंक गारंटी और थर्ड पार्टी ऑडिट

उन्होंने बताया कि पिछले 5 वर्षों से निर्माण के साथ-साथ रनिंग पेमेंट होता रहा है. अब जब अंतिम भुगतान यानी फाइनल सेटलमेंट की प्रक्रिया चल रही है, तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार हर कंपनी को परफॉरमेंस बैंक गारंटी देनी होगी, ताकि आने वाले वर्षों में भी निर्माण की गुणवत्ता बनी रहे. इसी कटौती और शर्तों पर बैठक में निर्णय लिया गया.

मिश्रा ने कहा कि पारदर्शिता के लिए अंतिम बिलों का थर्ड पार्टी ऑडिट भी कराया जा रहा है. PMC के रूप में Tata के अलावा इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को 60 से 70 प्रतिशत अंतिम बिलों के ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई है. इसके लिए उन्हें दो माह का समय दिया गया है. मंदिर परिसर के बाहर बन रहे ऑडिटोरियम के निर्माण में करीब तीन से चार महीने का विलंब हुआ है, लेकिन जनवरी-फरवरी तक इसके पूर्ण होने की उम्मीद है.

नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि अब समिति का मुख्य ध्यान अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय की ओर है. संग्रहालय में प्रस्तावित 20 गैलरियों की स्टोरी लाइन फाइनल हो चुकी है. संग्रहालय का जो सबसे बड़ा कार्य अब शुरू होगा, उसके लिए 10 अक्टूबर से टेंडर जारी होंगे. हर गैलरी-गैलरी एक, गैलरी दो, इस प्रकार से 20 गैलरियों का विषय तय हो गया है. स्टोरी लाइन फाइनल हो गई है. हमारे निदेशक संजीव कुमार सिंह ने बड़े परिश्रम से पूरी स्टोरी लाइन लिखी है, उन्होंने कहा इन गैलरियों में इमर्सिव टेक्नोलॉजी, 3D और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग होगा. टेंडर में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों का काम शामिल होगा. अनुमान है कि अक्टूबर के अंत तक टेंडर फाइनल हो जाएगा और उसके बाद गैलरियों को पूरा करने में लगभग छह महीने लगेंगे.

500 वर्षों के संघर्ष और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर विशेष गैलरी

संग्रहालय में भगवान राम के जीवन चरित्र के साथ-साथ दो विशेष विषयों पर भी गैलरियां बनाई जा रही हैं. पहली गैलरी में पिछले 500 वर्षों से चले राम मंदिर आंदोलन में न्यायालय की भूमिका और कानूनी संघर्ष को प्रदर्शित किया जाएगा. इसके लिए अदालतों और विभिन्न स्थानों से आवश्यक अभिलेख एकत्र किए जा रहे हैं. दूसरी प्रमुख गैलरी खुदाई में मिली वस्तुओं पर आधारित होगी. नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, लोग प्रायः पूछते थे कि अगर राम जी यहां थे तो कितने वर्ष पहले थे? खुदाई से मिली चीजों को हम इस प्रकार प्रदर्शित करेंगे कि एक निर्णायक तिथि और सत्यता की ओर पहुंचा जा सके. उन्होंने बताया कि विज्ञान मंत्रालय द्वारा बनवाई गई हनुमान जी की गैलरी पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य गैलरियों पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है.