मुख्यमंत्री योगी ने महंत अवेद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय का किया लोकार्पण

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30.35 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित महंत अवेद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय जंगल कौड़िया का लोकार्पण एवं महाविद्यालय परिसर में ब्रहम्लीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा का अनावरण और रूद्राक्ष का पौध रोपण किया. इसके अतिरिक्त उन्होंने महाविद्यालय के मोनोग्राम का विमोचन भी किया.

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महाविद्यालय में पहले सत्र में कुल 460 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है, जिनमें 273 बालिकाएं हैं. बालिकाएं उच्च शिक्षा में बालकों से आगे है, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए शुभ संकेत है. आज बालिकाएं तेजी के साथ आगे बढ़ रही हैं और प्रत्येक क्षेत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं. बहुत सारे क्षेत्रों में बालिकाओं को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जैसे स्वास्थ्य के क्षेत्र में बालिकाएं बहुत अच्छा काम कर रही है. आंगनबाड़ी व आशाओं ने गांव-गांव, घर-घर जाकर सेवा दी है, जो अभिन्दनीय है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 तक प्रदेश में 03 लाख के पुलिस फोर्स में केवल 10 हजार महिलाएं ही थीं. वर्तमान राज्य सरकार ने चार साल के अन्दर 20 हजार बालिकाओं को पुलिस में भर्ती किया है और अब 30 हजार महिला पुलिस फोर्स मिशन शक्ति के माध्यम से प्रत्येक बहन-बेटी को सुरक्षा की गारंटी देने का कार्य कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नई प्रतिस्पर्धा के लिए आगे बढ़ना होगा. जीवन में सफलता स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से मिल सकती और इससे हम जीवन को उज्ज्वल बना सकते हैं. इस महाविद्यालय में जिस प्रकार से एक्टिविटी तथा रचनात्मक गतिविधियां प्रारम्भ होंगी, उनसे आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होगा.

उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम प्रारम्भ होने के साथ ही परम्परागत पाठ्यक्रम को आगे बढ़ाने के साथ-साथ तमाम रचनात्मक गतिविधियों का केन्द्र बिन्दु महाविद्यालय को बनाना होगा, ताकि भारत और भारतीयता के लिए व आने वाले समय में छात्रों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ समाज एवं राष्ट्र के सर्वांगीण विकास का आधार तैयार हो सके. उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है. छात्र अपने परम्परागत पाठ्यक्रम के साथ लाइब्रेरी अवश्य अटेन्ड करें. विश्वविद्यालय में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर शिक्षा एवं स्वास्थ्य का हब बनेगा. एम्स का कार्य पूरा हो चुका है. प्रधानमंत्री शीघ्र ही एम्स का उद्घाटन करेंगे. गोरखपुर और पूर्वान्चल के लोगों को गोरखपुर में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त होगी. फर्टिलाइजर कारखाना सन् 1990 से बन्द हो गया था, लेकिन अब फर्टिलाइजर कारखाना शीघ्र ही बनकर तैयार हो जायेगा, जिसका लोकार्पण भी किया जायेगा. किसानों को समय से खाद मिलेगी और यहां के नौजवानों को रोजगार व नौकरी की सुविधा प्राप्त होगी. गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय, महायोगी विद्यालय, सैनिक स्कूल, कैम्पियरगंज में एक आईटीआई का निर्माण दो इण्टर कॉलेज का निर्माण पूरा हो चुका है. सहजनवां में पॉलीटेक्निक का निर्माण हो रहा है. पिपराइच चीनी मिल द्वारा चीनी का उत्पादन प्रारम्भ हो चुका है. जब किसान आगे बढ़ता है तो प्रत्येक नागरिक के जीवन में परिवर्तन लेकर आता है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अब बिना भेदभाव गरीबों को मिल रहा है. जिसके पास आवास नहीं उसको आवास की सुविधा, जिसके पास शौचालय नहीं उसके घर में शौचालय बनाने की व्यवस्था, गांव-गांव में विद्युत का कनेक्शन उपलब्ध कराने की सुविधा प्रदेश सरकार ने दी है. किसानों का धान क्रय कर उसका भुगतान किया जा रहा है. नेक नियत से जब कार्य होता है, तो परिणाम बेहतर होता है और ईश्वर भी मदद करता है. प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में कोरोना को नियंत्रित किया गया, आज उत्तर प्रदेश कोरोना को पूरी तरह रोकने में सफल हो गया है. अभी भी सतर्कता एवं सावधानी बरतना आवश्यक है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में 44 ऐसी प्रमुख योजनाएं हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश नम्बर वन पर है. दुनिया का सबसे अच्छा निवेश उत्तर प्रदेश में हो रहा है. उत्तर प्रदेश अब एक सुरक्षित प्रदेश है. प्रदेशवासियों को इस ताकत का एहसास दिलाना है कि उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थ व्यवस्था के रूप में आगे बढ़ाना होगा. प्रधानमंत्री ने आज देश को ‘गतिशक्ति’ जैसी एक नई योजना दी है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं. कुशीनगर में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा शीघ्र किया जायेगा. उन्होंने कहा कि सोच ईमानदार होती है, तो काम ऐसे ही दमदार होता है.

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि साढ़े चार वर्षों में गोरखपुर सहित प्रदेश का चतुर्दिक विकास हुआ है. महन्त अवेद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय जंगल कौड़िया के प्रारम्भ होने से शिक्षा के क्षेत्र में काफी प्रगति होगी और यहां के छात्र-छात्राओं को शिक्षा ग्रहण करने में काफी उपयोगी सिद्ध होगा. प्रदेश सरकार ने नकल विरोधी अभियान चलाकर नकलविहीन परीक्षा संचालित करायी है. प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर सीसी टीवी कैमरा आदि लगाकर निगरानी रखी जाती है. सभी विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है. प्रदेश में कुल 77 राजकीय डिग्री कॉलेज बनाये जा रहे हैं. राज्य में 51 लाख विद्यार्थी उच्च शिक्षा विभाग के संस्थानों में अध्ययनरत है.

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा ही संगठन के भाव से कोरोना काल खण्ड में प्रदेश की 24 करोड़ जनता को सुरक्षित करने का कार्य किया गया है. प्रदेश में शिक्षा का मापदण्ड उच्च स्तर पर पहुंचा है. शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकताओं में है और इस क्षेत्र में काफी काम हुआ है. शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन किया गया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने प्रत्येक महाविद्यालय में प्लेसमेन्ट सेल बनाने के निर्देश दिये हैं, ताकि युवाओं को रोजगार में दिक्कत न आये. मुख्यमंत्री के निर्देश पर असिस्टेन्ट प्रोफेसर को एसोसिएट और एसोसिएट को प्रोफेसर पदनाम देने का भी प्रस्ताव बनाया जा रहा है.

आभार ज्ञापन उच्च शिक्षा राज्य मंत्री नीलिमा कटियार ने किया और स्वागत प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री सुभाष चन्द्र शर्मा ने किया. इसके अतिरिक्त सदर सांसद रविकिशन शुक्ल व विधायक कैम्पियरगंज फतेह बहादुर ने भी जनसभा को सम्बोधित किया. इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

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