लखनऊ. चुनाव आयोग को लेकर विपक्षी दल हमलावर है, जिसे लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि SIR से संबंधित सभी निर्णय आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं. यह साफ हो गया है कि SIR को लेकर आयोग के भीतर असहमति के जो दावे किए जा रहे थे, वे तथ्यों पर आधारित नहीं थे. राहुल गांधी जी को देश की जनता को यह बताना चाहिए कि संवैधानिक संस्था पर इतने गंभीर आरोप लगाने से पहले उन्होंने तथ्यों की पुष्टि क्यों नहीं की?
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आगे ब्रजेश पाठक ने ये कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता अत्यंत महत्वपूर्ण है. राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते समय तथ्यों और प्रमाणों का सम्मान किया जाना चाहिए. SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है.
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ब्रजेश पाठक ने ये भी कहा कि हमारे देश के चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जहां प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, वहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर उपलब्ध है तथा जरूरत के अनुसार समय-सीमा भी बढ़ाई गई है. मैं कांग्रेस नेतृत्व से आग्रह करता हूं कि देश में भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखें. लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान और सत्य के प्रति प्रतिबद्धता बनी रहे.


