मेरठ. कहने को तो यूपी में योगी का सुशासन है, लेकिन असल में कुशासन देखने को मिल रहा है. अगर प्रदेश में सुशासन होता तो शायद जहरीली शराब की बिक्री न होती और उसे पीकर 3 लोगों की जान न जाती! 3 लोगों की मौत होने के बाद योगी सरकार का बदहवास सिस्टम जागा और अब हमेशा की तरह कार्रवाई का राग अलाप रहा है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या केवल कागजों में ही सुशासन दौड़ेगा या फिर कभी जमीन में भी सुशासन के दर्शन होंगे?
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बता दें कि पूरा मामला दौराला कस्बे का है. जहां रहने वाले 3 दोस्तों ने मिलकर शराब पार्टी की. शराब पीने के बाद तीनों की अचानक तबीयत बिगड़ गई. जिसके बाद तीनों को आनन-फानन में इलाज के लिए बेहोशी हालत में अस्पताल ले जाया गया. जहां तीनों की मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों के बीच कोहराम मच गया. जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई. जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई.
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जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तीनों की लाश का पंचनामा कर पीएम के लिए भेजा. मृतकों की पहचान बाबूराम प्रजापति (50), अंकित (40) और जितेंद्र (45) के रूप में हुई है. वहीं मामले की जानकारी मिलते ही पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और क्षेत्र के विधायक ने मृतकों से मुलाकात कर कार्रवाई के साथ हर संभव मदद करने का भरोसा दिया. वहीं मामले को लेकर पुलिस के आलाधिकारियों का कहना है कि पीएम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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