रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. जिले में एक बार फिर भूमि विवाद ने तूल पकड़ लिया है. पीड़ित राम लखन यादव के परिवार ने जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना शुरू कर दिया है. आरोप है कि भाजपा के एक विधायक के रिश्तेदार उनकी निजी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं. इस कब्जे में स्थानीय प्रभावशाली लोगों प्रतिपक्षी बद्री प्रसाद, दीपक, प्रदीप आदि के नाम सामने आए हैं. परिवार का दावा है कि इन लोगों द्वारा न केवल जबरन कब्जा किया जा रहा है, बल्कि जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं.

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परिवार के सदस्यों ने बताया कि यह जमीन उनके पूर्वजों की है और लंबे समय से उनके कब्जे में रही है. हाल के दिनों में विधायक के रिश्तेदारों ने दबाव बनाकर कब्जा करने की कोशिश की, जिसमें प्रशासनिक संरक्षण का भी आरोप लगा है. बैनर और पोस्टरों पर साफ लिखा है कि सत्ता पक्ष का दबाव और अधिकारियों की मिलीभगत से यह अन्याय हो रहा है.

परिवार ने कई बार थाने और तहसील में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. अब मजबूर होकर वे डीएम कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं. पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे भूख हड़ताल तक करने को तैयार हैं. प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. जिला प्रशासन को इस मामले की निष्पक्ष जांच कर कब्जा हटवाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है.

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ऐसे मामलों में आमतौर पर गरीब किसान और मजदूर परिवार प्रभावशाली ताकतों के सामने लाचार हो जाते हैं. राम लखन का परिवार न्याय की उम्मीद में धरने पर डटा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप करेगा या यह मामला भी दब जाएगा?