उत्तर प्रदेश के लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों को दीपावली पर्व से पहले मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया है. नई प्रशासनिक भुगतान प्रणाली एसएनए स्पर्श की जटिल प्रक्रिया और सुस्त रफ्तार की वजह से शिक्षामित्रों की दिवाली फीकी रहने की आशंका बढ़ गई है.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इस बार दीपावली से पहले मानदेय नहीं मिल पाया है. राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नई प्रशासनिक भुगतान व्यवस्था की धीमी गति और तकनीकी पेचीदगियों के कारण 6 नवंबर तक कई जिलों में राशि खाते में नहीं भेजी जा सकी. इस प्रशासनिक देरी से प्रदेश भर के शिक्षामित्रों और उनके परिवारों के सामने त्योहार की खुशियां प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हो गई है.

नई भुगतान प्रणाली से बढ़ीं मुश्किलें उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश संगठन मंत्री कौशल कुमार सिंह ने इस संबंध में बताया कि पहले मानदेय का वितरण पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से संचालित होता था. उस व्यवस्था में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय से बिल बैंक पहुंचते ही 24 घंटे के भीतर राशि खातों में स्थानांतरित हो जाती थी. हालांकि सितंबर माह से लागू की गई ‘एसएनए स्पर्श’ प्रणाली के बाद यह पूरी प्रक्रिया अत्यंत जटिल और लंबी हो गई है.

ट्रेजरी प्रक्रिया में 10 से 15 दिन का समय नई व्यवस्था के अंतर्गत कोषागार से टोकन जारी होने के उपरांत भुगतान संपन्न होने में 10 से 15 दिनों का समय लग रहा है. समय पर मानदेय न मिलने के कारण उन परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है जिनकी आजीविका पूरी तरह इसी पर निर्भर है. शिक्षामित्र संघ ने शासन से मांग की है कि इस प्रशासनिक समस्या पर तत्काल संज्ञान लेकर शीघ्र मानदेय जारी किया जाए ताकि शिक्षामित्र परिवार के साथ त्योहार मना सकें.