लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अर्नब तूफान के असर से अगले 24 घंटे में मौसम बदलने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, 29 से 31 अक्टूबर के बीच पूर्वांचल और अवध के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. इस दौरान तेज आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी है. हवा की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है.
मौसम के इस अनुमान को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है. किसानों को भी फसल बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है.
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सभी जिलों में 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश
राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने सभी जिलों के अधिकारियों और राहत कंट्रोल रूम को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं. जिला आपदा नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने को कहा गया है. पुलिस, स्वास्थ्य, सिंचाई और राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश मिले हैं. प्रशासन को आंधी और बारिश से होने वाले जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है.
पकी फसल की कटाई कर सुरक्षित रखें
मौसम विभाग और कृषि विभाग ने किसानों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. जिन किसानों की धान या मक्के की फसल 80 से 85 प्रतिशत तक पक चुकी है, उन्हें जल्द कटाई करने की सलाह दी गई है. कटी हुई फसल को खुले खेत या खलिहान में न छोड़ें. उसे पक्के शेड या ऊंचे स्थान पर रखें. फसल को मजबूत तिरपाल से अच्छी तरह ढंक दें, ताकि बारिश से नुकसान न हो.
खेतों में जलभराव रोकने की तैयारी करें
किसानों को सब्जियों, बागवानी और धान के खेतों में पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी गई है. इसके लिए खेतों में पहले से निकासी की नालियां तैयार रखें. अगले तीन से चार दिन तक खाद और कीटनाशक का छिड़काव न करें. इस दौरान सिंचाई करने से भी बचें.
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फसल खराब होने पर 72 घंटे में करें शिकायत
अगर तूफानी बारिश से फसल को नुकसान होता है, तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसान 72 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज कराएं. इसके लिए टोल-फ्री नंबर 14447 जारी किया गया है. समय पर सूचना देने से नुकसान के आकलन और मुआवजे की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल के नुकसान का रिकॉर्ड और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें.

