पटना। बिहार की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी चरम पर है। इसी बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा का अचानक दिल्ली दौरा सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। सूत्रों के मुताबिक, कुशवाहा को भाजपा आलाकमान ने तलब किया है, जहां उनकी मुलाकात पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से होनी है।

​उम्मीदवारी और गठबंधन पर मंथन

​इस दौरे का मुख्य एजेंडा आगामी राज्यसभा चुनाव की रणनीति है। माना जा रहा है कि कुशवाहा अपनी उम्मीदवारी के साथ-साथ एनडीए गठबंधन में अपनी पार्टी की भूमिका पर स्पष्ट बातचीत करेंगे। चूंकि नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च है, ऐसे में यह मुलाकात बिहार में सीटों के बंटवारे और चुनावी तालमेल के लिहाज से निर्णायक साबित हो सकती है।

​RLM और भाजपा के विलय की सुगबुगाहट

​केवल राज्यसभा सीट ही नहीं, बल्कि सबसे ज्यादा चर्चा आरएलएम और भाजपा के संभावित विलय को लेकर है। पिछले कुछ समय से कुशवाहा की भाजपा से बढ़ती नजदीकियों ने इन अटकलों को हवा दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली में होने वाली इस बैठक में विलय के औपचारिक प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है।

​बिहार की 5 सीटों का समीकरण

​चुनाव आयोग ने बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए कार्यक्रम घोषित कर दिया है। अप्रैल में जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें उपेंद्र कुशवाहा, उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर, प्रेम चंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह शामिल हैं।
​महत्वपूर्ण तिथियां:
​अधिसूचना: 26 फरवरी 2026
​नामांकन की आखिरी तारीख: 5 मार्च 2026
​मतदान एवं परिणाम: 16 मार्च 2026
​इन सीटों पर कब्जा जमाने के लिए एनडीए और महागठबंधन दोनों ही खेमे अपनी बिसात बिछाने में जुटे हैं।