सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दोनों मित्र देशों के बीच हस्ताक्षरित संयुक्त रणनीतिक रक्षा समझौते के तहत पूर्वी क्षेत्र में स्थित किंग अब्दुलअजीज एयरबेस पर इस्लामिक गणराज्य पाकिस्तान से एक सैन्य टुकड़ी का आगमन हुआ है. इस पाकिस्तानी सैन्य टुकड़ी में पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू और सहायक विमान शामिल हैं. इसका उद्देश्य संयुक्त सैन्य समन्वय को बढ़ाना है. दोनों देशों के सशस्त्र सेनाओं के बीच कॉर्डिनेशन की तत्परता के स्तर को ऊपर उठाना और स्थिरता को सुदृढ़ करना है.

अमेरिका ईरान के बीच इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता से पहले पाकिस्तान ने सऊदी में फाइटर जेट तैनात किए हैं. इसकी घोषणा सऊदी के रक्षामंत्रालय ने की है. उन्होंने बताया कि किंग अब्दुलअजीज एयरबेस पर पाकिस्तान के फाइटर जेट का आगमन हुआ है. 

9 अप्रैल खबर आई थी कि पाकिस्तान का एयरफोर्स Il-78MP टैंकर यानी एक उड़ने वाला गैस स्टेशन अभी सऊदी एयरस्पेस में उड़ता हुआ देखा गया. हालांकि, यह लैंड नहीं हुआ था. इससे जुड़ी तस्वीरें भी सामने आई थीं. यह बहरीन और फारस की खाड़ी के पास पूर्वी इलाके के ऊपर चक्कर लगा रहा था. हवा में एक्टिव बना हुआ था.

बताते चले कि पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक ज्वाइंट स्ट्रेटेजिक डिफेंस एग्रीमेंट हुआ है. इसी के तहत दोनों देशों के बीच संयुक्त समन्वय को बढ़ाना और रिजनल और इंटरनेशनल स्तर पर सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करना है.

सितंबर 2025 में हस्ताक्षरित सऊदी अरब-पाकिस्तान के SMDA के तहत, दोनों देश एक-दूसरे की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहाँ एक पर हमला दूसरे पर हमला माना जाएगा। इस व्यापक समझौते में सभी सैन्य साधनों को शामिल किया गया है.

ज्वाइंट स्ट्रेटेजिक डिफेंस एग्रीमेंट के तहत पाकिस्तान ने यह फैसला लिया है और किंग अब्दुलअजीज एयरबेस पर इस्लामिक गणराज्य पाकिस्तान से एक सैन्य टुकड़ी का आगमन हुआ। पाकिस्तानी सैन्य टुकड़ी में पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू और सहायक विमान शामिल हैं.ऐसे में मिडिल ईस्ट में बने हालात भी इसकी वजह है. ईरान ने सऊदी के अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया था. वहीं, पाकिस्तान इस युद्ध में मध्यस्थता की भूमिका में है.

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