उत्तर प्रदेश के शाहपुर गांव में पैतृक जमीन को लेकर चल रहे विवाद के बीच चाचा-भतीजे के परिवारों में मारपीट हुई, जिसमें संग्राम की मौत हो गई. जादू-टोने के शक और भैंस की मौत से जुड़े दावे भी सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि नहीं हुई है.
चंदौली. जिले के शाहपुर गांव में पैतृक जमीन को लेकर चल रहे विवाद के बीच चाचा-भतीजे के परिवारों में मारपीट हो गई. आरोप है कि भतीजे प्यारे (60) और उसके बेटे जितेंद्र (35) ने संग्राम (65) और उनकी पत्नी माया (55) पर लाठी-डंडों से हमला किया. गंभीर रूप से घायल संग्राम की शनिवार सुबह वाराणसी के ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि माया का उपचार जारी है.
जमीन को लेकर पुराना विवाद
संग्राम और उनके भतीजे प्यारे के परिवारों के बीच पैतृक जमीन के बंटवारे और उसे बेचने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. आरोप है कि शुक्रवार शाम जमीन बेचने के सिलसिले में बातचीत करने के लिए प्यारे और जितेंद्र ने संग्राम को गांव के बीच स्थित कुएं के पास बुलाया था. संग्राम अपनी पत्नी माया के साथ वहां पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई.
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर प्यारे और जितेंद्र ने संग्राम तथा माया पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया. मारपीट में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और संग्राम के सिर में गंभीर चोटें आईं. घटना के बाद परिजन और ग्रामीण उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां से संग्राम की हालत गंभीर होने पर वाराणसी के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया. वहां शनिवार सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.
भैंस की मौत से बढ़ा शक
जमीन विवाद के साथ ही परिवारों के बीच भूत-प्रेत और जादू-टोने को लेकर शक की बात भी सामने आई है. प्यारे की मां के अनुसार, उनके परिवार को आशंका थी कि संग्राम के परिवार की ओर से जादू-टोना कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि करीब एक महीने पहले उनकी भैंस की मौत हो गई थी और परिवार में दूसरी परेशानियां भी सामने आ रही थीं. परिवार इन घटनाओं को कथित तौर पर जादू-टोने से जोड़कर देखने लगा था.
परिवार की ओर से यह दावा भी किया गया कि करीब दस दिन पहले जितेंद्र को खेत में किसी कथित अदृश्य शक्ति ने उठाकर पटक दिया था. परिवार के मुताबिक, इन घटनाओं के बाद उनका शक और गहरा हो गया. हालांकि, भैंस की मौत या खेत में हुई कथित घटना का जादू-टोने से संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है. ये संबंधित परिवार के दावे हैं, प्रमाणित तथ्य नहीं.
माया ने आरोपों को नकारा
संग्राम की पत्नी माया ने बताया कि दूसरे पक्ष की ओर से उनके परिवार पर बार-बार भूत-प्रेत कराने के आरोप लगाए जा रहे थे. उन्होंने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि दूसरे परिवार को कोई शिकायत थी, तो उनसे बातचीत की जा सकती थी. उनके अनुसार, विवाद को इस तरह बढ़ाने के बजाय आपस में बात करके मामला सुलझाया जा सकता था.
माया के मुताबिक, शुक्रवार को हुए विवाद के दौरान उन पर और उनके पति पर हमला किया गया, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए. संग्राम को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया और फिर वाराणसी के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई.
घटना के समय कहासुनी किस बात से शुरू हुई और विवाद ने हिंसक रूप कैसे लिया, इसकी पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है. जमीन विवाद और जादू-टोने को लेकर लगाए गए आरोपों के बीच घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही सामने आ सकेगी.

