अभय मिश्रा, मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज में कड़ाके की ठंड के बीच सियासी पारा सातवें आसमान पर है। मामला एक बेशकीमती विवादित जमीन का है, जहां भाजपा विधायक प्रदीप पटेल का एक कांग्रेस नेता के पक्ष में खड़ा होना अब उनके लिए गले की फांस बन गया है। 3 जनवरी की आधी रात को शुरू हुआ यह हाई-वोल्टेज ड्रामा अब थानों की चौखट तक पहुंच गया है। विधायक की शिकायत पर जहां अज्ञात 150 लोगों पर केस दर्ज हुआ है। वहीं दूसरे पक्ष ने भी SP से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। 

आरोप है कि डीजल डालकर विधायक को जलाने की कोशिश की गई। लेकिन वीडियो में लल्लू पांडेय खुद पर डीजल डालकर आत्मदाह की कोशिश करते हुए देखे गए जिसे पुलिस की तत्परता से विफल कर दिया गया था। मामला रीवा-बनारस नेशनल हाईवे के किनारे स्थित करोड़ों की बेशकीमती जमीन को लेकर 3 जनवरी की रात हुआ था। 
दरअसल, आरोप है कि भाजपा विधायक प्रदीप पटेल, कांग्रेस नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. श्रीनिवास तिवारी के रिश्तेदार विनोद मिश्रा के समर्थन में आधी रात को मौके पर पहुंचे थे। सत्ता और विपक्ष की इस अनपेक्षित जुगलबंदी का स्थानीय ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया और विधायक को मौके से खदेड़ दिया।


​घटना के लगभग 23 घंटे बाद इस मामले में कानूनी कार्रवाई का दौर शुरू हुआ। विधायक की लिखित शिकायत पर पुलिस ने 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। विधायक का आरोप है कि उन पर डीजल डालकर जलाने की कोशिश की गई और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई।

हालांकि, विधायक के इन दावों के बीच एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद थाने में खड़ी विधायक की गाड़ी पूरी तरह सुरक्षित दिख रही है, जिस पर हमले या तोड़फोड़ के निशान नजर नहीं आ रहे। वहीं डीजल डालने वाली घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें लल्लू पाण्डेय और उनके भाई में घटना से परेशान होकर खुद पर डीजल डालकर आत्मदाह की कोशिश की थी। लेकिन पुलिस उनसे डीजल की केन छीन ली। इसी को आधार बनाकर विपक्षी नेता सुखेंद्र सिंह बन्ना ने इस घटना को सत्ता की हनक और पॉलिटिकल स्टंट करार दिया है।

 अब इस जंग में शिकायतों का दौर दोनों तरफ से जारी है। दूसरे पक्ष के लल्लू पाण्डेय ने पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, कांग्रेस नेता विनोद मिश्रा ने भी थाने पहुंचकर आवेदन दिया है और अपनी जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है।

मऊगंज का यह जमीनी विवाद अब पूरी तरह कानूनी और सियासी अखाड़ा बन चुका है। एक तरफ विधायक के गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी तरफ पीड़ित पक्ष और वायरल वीडियो की हकीकत। अब देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी की अगुवाई में हो रही यह जांच किस करवट बैठती है। 

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H