Business Desk- Vans Electroengineerings Limited IPO इन दिनों ग्रे मार्केट में चर्चा में है। IPO का GMP सिर्फ 2 दिन में 38% से बढ़कर 76% हो गया है। 33.98 करोड़ रुपए का यह SME IPO 29 सितंबर 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है। निवेशक इसमें 1 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं। कंपनी के शेयरों की BSE SME पर लिस्टिंग 7 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है।

पहले दिन 2.66 गुना सब्सक्राइब हुआ IPO
मजबूत GMP के बावजूद पहले दिन सब्सक्रिप्शन में बहुत ज्यादा उछाल नहीं दिखा। हालांकि इश्यू पहले ही दिन पूरी तरह बुक हो गया। 29 सितंबर को IPO को कुल 2.66 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही और यह कैटेगरी 4.55 गुना बुक हुई।
NII कैटेगरी को 2.10 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जबकि QIB कैटेगरी में पहले दिन कोई बोली नहीं आई। आज और 1 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन बढ़ने की संभावना पर नजर रहेगी।
IPO का प्राइस बैंड और न्यूनतम निवेश कितना है?
Vans Electroengineerings IPO का प्राइस बैंड 112 से 118 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है। इसका लॉट साइज 1,200 शेयरों का है। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशक को एक लॉट के लिए कम से कम 1,41,600 रुपए का निवेश करना होगा।
यह IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। कंपनी ने 28.80 लाख नए शेयर जारी किए हैं। इनमें से 1,46,400 शेयर फर्म बेसिस और 48,000 शेयर प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के तहत रखे गए हैं। इन्हें हटाने के बाद पब्लिक के लिए नेट ऑफर 26,85,600 शेयर का है।
QIB, NII और रिटेल के लिए कितने शेयर रिजर्व?
नेट ऑफर में QIB कैटेगरी के लिए 13,41,600 शेयर यानी 49.96%, NII के लिए 4,03,200 शेयर यानी 15.01% और रिटेल निवेशकों के लिए 9,40,800 शेयर यानी 35.03% शेयर रिजर्व किए गए हैं।
IPO से मिलने वाली शुद्ध राशि में से 25 करोड़ रुपए वर्किंग कैपिटल की जरूरतों पर खर्च किए जाएंगे। बची राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए प्रस्तावित है।
GMP 90 रुपए, 208 रुपए की लिस्टिंग का अनुमान
30 सितंबर 2026 की सुबह 7 बजे Vans Electroengineerings IPO का GMP 90 रुपए था। IPO खुलने से पहले यह 45 रुपए था। यानी दो दिन में GMP दोगुना हो गया। 90 रुपए का GMP, 118 रुपए के अपर प्राइस बैंड से करीब 76.2% ज्यादा है।
अगर 118 रुपए के अपर प्राइस बैंड में 90 रुपए का GMP जोड़ें तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत 208 रुपए बनती है। इस हिसाब से अनुमानित बढ़त करीब 76.27% होती है। हालांकि GMP अनौपचारिक ग्रे मार्केट का संकेत है। यह वास्तविक लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं है और लिस्टिंग के समय कीमत अलग हो सकती है।
कंपनी क्या कारोबार करती है?
Vans Electroengineerings रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर, मेट्रो सिस्टम और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े कामों में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स बनाती और सप्लाई करती है। कंपनी भारतीय रेलवे और रेलवे ठेकेदारों को अपने उत्पाद सप्लाई करती है। इसका रजिस्टर्ड ऑफिस और मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी तमिलनाडु के सेलम में है।
कंपनी सिंगल पोल और डबल पोल वैक्यूम सर्किट ब्रेकर (VCB) और वैक्यूम इंटरप्टर (VI) बनाती है। इनका इस्तेमाल ट्रैक्शन सबस्टेशन, सेक्शनिंग पोस्ट, फीडिंग पोस्ट और रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन सिस्टम में किया जाता है।
कंपनी की कमाई और मुनाफा कितना बढ़ा?
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल इनकम 23.19 करोड़ रुपए रही, जो 2024-25 में 13.82 करोड़ रुपए थी। इसी अवधि में कंपनी का PAT 1.73 करोड़ रुपए से बढ़कर 5.39 करोड़ रुपए हो गया। कंपनी का EBITDA भी 2.48 करोड़ रुपए से बढ़कर 7.23 करोड़ रुपए पहुंच गया।
IPO से जुड़े प्रमुख नाम
इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर हेम सिक्योरिटीज लिमिटेड, रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और मार्केट मेकर हेम फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड हैं।


