वाराणसी शिक्षक एमएलसी सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव को विजयी घोषित किया गया है, जिन्होंने करीब 4900 वोटों के अंतर से जीत हासिल की. उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सपा के साथ आना 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए शुभ संकेत है.
वाराणसी. उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक निर्वाचन सीट पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की है. मतगणना पूरी होने के बाद उन्हें विजेता घोषित किया गया. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने करीब 4900 वोटों के अंतर से चुनाव जीता.
जीत पर क्या बोले यादव
जीत के बाद लाल बिहारी यादव ने आरोप लगाया कि पूरी सरकार उन्हें चुनाव हराने में जुटी थी. उन्होंने कहा कि शिक्षकों का समाजवादी पार्टी के साथ आना वर्ष 2027 के लिए पार्टी के पक्ष में शुभ संकेत है. यादव ने इस जीत का श्रेय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को दिया.
23 अक्टूबर को हुआ मतदान
वाराणसी शिक्षक सीट पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था, जिसमें 68.21 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. मतगणना की प्रक्रिया में पहले 50-50 मतपत्रों के बंडल तैयार करने का काम लगभग पूरा किया गया. इसके बाद शाम करीब 4:30 बजे वोटों की गिनती शुरू हुई.
पिछला चुनावी रिकॉर्ड
इस सीट पर दिसंबर 2020 में हुए चुनाव में भी लाल बिहारी यादव को जीत मिली थी. उस चुनाव में शर्मा गुट के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतरे डॉक्टर प्रमोद मिश्रा को उन्होंने 936 वोटों से हराया था. लाल बिहारी यादव को 7766 वोट मिले थे, जबकि प्रमोद मिश्रा के खाते में 6830 वोट आए थे.
चेत नारायण सिंह तीसरे स्थान पर
2020 के चुनाव में बीजेपी के चेत नारायण सिंह 4858 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे थे. इससे पहले वह वाराणसी शिक्षक खंड की सीट पर लगातार दो बार जीत चुके थे और पिछले 10 वर्षों से इस सीट पर उनका दबदबा रहा था. वर्ष 2020 में वह तीसरे स्थान पर खिसक गए थे.
इस बार चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर डॉक्टर जितेंद्र सिंह पटेल भी मैदान में थे.

