अनूप दुबे, कटनी ढीमरखेड़ा। मध्य प्रदेश के जबलपुर के पास कटनी जिले की ढीमरखेड़ा जनपद सभागार में बड़वारा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह की समीक्षा बैठक में प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। सांसद प्रतिनिधि को बैठक की जानकारी नहीं दी गई। जिसमें जनपद सीईओ से उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। मामले को लेकर एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

दरअसल, जनपद सभागार में बड़वारा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह के द्वारा समीक्षा बैठक ली जा रही थी, जिसमें प्रोटोकॉल का पालन न होने का मामला प्रकाश में आया। खंड स्तरीय अधिकारियों के द्वारा बैठक में विभाग भर योजनाओं की जानकारी दी जा रही थी। इसी दौरान शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह के प्रतिनिधि पद्मेश गौतम के पहुंचने के बाद जनपद सीईओ यजुर्वेद कोरी से बैठक की जानकारी न देने को लेकर नाराजगी जताने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

CMO, एकाउंटेंट और नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष पर FIR: जानिए क्या है मामला

सांसद प्रतिनिधि का आरोप
सांसद प्रतिनिधि का सीधा आरोप है कि कांग्रेस का विधायक होने के बावजूद बैठक में अधिकारी बुलवाते थे। अब भाजपा की सरकार है और भाजपा का विधायक होने के बाद ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिसमें जनपद सीईओ अपनी गलती स्वीकार करते नजर आ रहे हैं। विधायक की समीक्षा बैठक में प्रोटोकॉल का पालन न करने के कारण बैठक में अनाधिकृत व्यक्तियों के बैठने की चर्चा भी आम है।

वहीं जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत सरपंचों में भी जनपद सीईओ की कार्य प्रणाली को लेकर आक्रोश पनप रहा है। सरपंचों ने बताया कि, 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर हर ग्राम पंचायत मुख्यालय में सरपंच सचिव और रोजगार सहायक की उपस्थिति में शासन के आदेसानुसार कार्यक्रम होते हैं। इसके बावजूद सीईओ ने सरपंच सचिव और रोजगार सहायकों को सम्मानित करने के नाम से जनपद में बुलवाकर सम्मानित नहीं किया। सरपंच सहित अन्य कर्मचारियों ने ग्राम के कार्यक्रम को छोड़कर आने पर ग्रामीणों को बताया कि आज पुरस्कार मिलना है लेकिन कार्यालय पहुंचने के बाद पुरस्कार भी नहीं मिला।

Harda Factory Explosion: ITI कॉलेज तक पहुंची धमाके की गूंज, छात्रों में मची अफरा-तफरी

कार्यालय पहुंचने पर भी नहीं होती मुलाकात
इधर अधिकांश ग्राम पंचायत सरपंचों का कहना है कि जनपद सीईओ कार्यालय में नहीं बैठते हैं विकास कार्यों को लेकर कार्यालय पहुंचने पर मुलाकात नहीं होती। जानकारी लेने पर पता चलता है कि कभी जिले में बैठक है तो कभी जबलपुर में पेशी में हैं। साहब जनपद सीईओ क्षेत्र के आधे सरपंचों को पहचानते तक नहीं हैं। जनता ने वोट देकर सरपंचों को तो चुन लिया है लेकिन सरपंचों के गांव की समस्याओं का जनपद स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही के कारण निराकरण नहीं हो रहा है। जिससे सरकार की मनसा पर भी पानी फिर रहा हैं। ग्राम पंचायत सरपंचों सहित जनप्रतिनिधियों ने मामले में कलेक्टर और मुख्यमंत्री से जांच करवाकर कार्रवाई की मांग की हैं।

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H