लुधियाना/वृंदावन। वृंदावन में यमुना नदी पर हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद लुधियाना के पीड़ित परिवारों में शोक की लहर है। हादसे में जान गंवाने वाले अंजू गुलाटी, राकेश गुलाटी और मीनू बंसल के शव उनके घर पहुंचते ही मातम पसर गया। दुगरी फेस-2 स्थित उनके घरों के बाहर बड़ी संख्या में रिश्तेदार और स्थानीय लोग अंतिम दर्शन के लिए जुटे।

जगराओं में भी इस हादसे के पीड़ित कविता बहल, चरणजीत, मधुर बहल, पिंकी बहल और ईशान कटारिया के शव पहुंचने से माहौल गमगीन हो गया। गीता कॉलोनी में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दौरान भगवंत मान भी चरणजीत बहल के घर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी।

दोपहर बाद अंतिम संस्कार

परिवार के अनुसार, दुगरी फेस-2 से 10 लोग मंदिर दर्शन के लिए वृंदावन गए थे। इसी दौरान नाव पलटने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। अब शव घर पहुंच चुके हैं और दोपहर बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।

लापता बेटी की तलाश की गुहार

हादसे में मीनू बंसल के बेटे निखिल बंसल ने प्रशासन से अपील की है कि उनकी बहन डिंकी बंसल अभी तक लापता है और उसका नाम सूची में भी शामिल नहीं है। उन्होंने जल्द से जल्द तलाश अभियान तेज करने की मांग की है।

130 श्रद्धालु गए थे यात्रा पर

जानकारी के मुताबिक, पंजाब से करीब 130 श्रद्धालु दो बसों में वृंदावन गए थे, जिनमें से 90 लोग जगराओं के रहने वाले थे। हादसे के बाद कई लोग सुरक्षित लौट आए हैं और यात्रा बीच में ही रोक दी गई।

प्रशासन के अनुसार, अब तक 22 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि पांच लोग अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव कार्य दूसरे दिन भी जारी है, जिसमें सेना के जवान भी जुटे हैं। पुलिस ने नाव चालक पप्पू निषाद को हिरासत में ले लिया है, जो हादसे के बाद फरार हो गया था।