Lifestyle Desk – गुलाब को फूलों का राजा कहा जाता है। इसकी खूबसूरती औरमनमोहक खुशबू हर किसी का मन मोह लेती है। यही वजह हैकि ज्यादातर लोग अपने घर की बालकनी, छत या गार्डन में गुलाब का पौधा लगाना पसंद करते हैं। लेकिन कई बार अच्छी देखभाल , पानी और धूप देने के बावजूद गुलाब के पौधे में फूल नहीं आते। पौधा हरा-भरा तो रहता है, लेकिन उसकी टहनियों पर कलियां दिखाई नहीं देतीं। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है।अच्छी फ़्लावरिंग के लिए आपको महंगे खाद या फर्टिलाइजर खरीदने की भी जरूरत नहीं है। आपकी रसोई में मौजूद कुछ चीजें पौधे को पोषण देने के काम आ सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसी चीजों के बारे में, जिनका इस्तेमाल आप गुलाब के पौधे की देखभाल में कर सकते हैं।

केले के छिलके से मिलेगा पोटैशियम

केले के छिलके में पोटैशियम समेत कई खनिज तत्व होते हैं, जो पौधों के पोषण में योगदान दे सकते हैं। गुलाब के पौधे की बेहतर ग्रोथ और फूलों के विकास के लिए पोटैशियम जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। इसके लिए केले के छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर अच्छी तरह सुखा लें। सूखने के बाद इन्हें पीसकर थोड़ी मात्रा में मिट्टी में मिला सकते हैं। ध्यान रखें कि छिलकों को सीधे ज्यादा मात्रा में गमले में डालने से बचें।

चायपत्ती का करें सीमित इस्तेमाल

चाय बनाने के बाद बची हुई चायपत्ती को फेंकने के बजाय पौधों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें थोड़ी मात्रा में जैविक पदार्थ और पोषक तत्व होते हैं। हालांकि, इस्तेमाल करने से पहले चायपत्ती को अच्छी तरह पानी से धो लें, ताकि उसमें मौजूद चीनी और दूध के अवशेष निकल जाएं। इसके बाद इसे पूरी तरह सुखाकर थोड़ी मात्रा में मिट्टी में मिलाएं। गीली या दूध वाली चायपत्ती डालने से फफूंद और कीटों की समस्या हो सकतीहै।

अंडे के छिलके से मिलेगी कैल्शियम की मदद

अगर आपके घर में अंडे का इस्तेमाल होता है, तो उनके छिलकों को फेंकने की जरूरत नहीं है। अंडे के छिलकों में कैल्शियमकार्बोनेट पाया जाता है। इन्हें अच्छी तरह धोकर सुखाएं और फिर बारीक पीस लें। तैयार पाउडर को थोड़ी मात्रा में मिट्टी में मिलाया जा सकता है। हालांकि, अंडे के छिलके धीरे-धीरे मिट्टी में टूटते हैं, इसलिए इनसे तुरंत पौधे को पोषण मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

प्याज के छिलकों का पानी करेगा मदद

प्याज के छिलकों में पोटैशियम और अन्य खनिज तत्व थोड़ी मात्रा में मौजूद होते हैं। इनका इस्तेमाल कंपोस्ट बनाने में किया जा सकता है। इसके लिए प्याज के छिलकों को दूसरे सब्जियों के छिलकों के साथ कंपोस्ट में डालें। जब यह अच्छी तरह सड़कर खाद बन जाए, तब थोड़ी मात्रा में गुलाब के पौधे की मिट्टी में मिलाएं। इससे मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ाने में मदद मिल सकती है। ध्यान रखें कि कच्चे प्याज के छिलके या उनका गाढ़ा पानी सीधे गमले में डालने से बचें।

चावल का पानी भी आ सकता है काम

चावल धोने के बाद बचने वाले पानी को भी पौधों की देखभाल में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें थोड़ी मात्रा में स्टार्च और अन्य घुलनशील पदार्थ होते हैं। हालांकि, इससे गुलाब में ज़्यादा फूल आने का कोई पक्का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। अगर इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो केवल सादा, बिना नमक और बिनाकिसी मसाले वाला ताजा पानी लें। इसे भी सामान्य पानी मेंमिलाकर सीमित मात्रा में दें। लंबे समय तक रखा हुआ या खट्टा हो चुका चावल का पानी इस्तेमाल न करें।

सिर्फ खाद डालना काफी नहीं,इन बातों का भी रखें ध्यान

गुलाब के पौधे में अच्छी कलियां और फूल पाने के लिए केवलघरेलू खाद पर निर्भर रहना सही नहीं है। पौधे की नियमितदेखभाल भी बेहद जरूरी है। धूप है जरूरी-गुलाब के पौधे को रोजाना कम से कम 5-6घंटे सीधी धूप मिलने की कोशिश करें।
सही मात्रा में पानी-मिट्टी की ऊपरी सतह सूखने पर हीपानी दें। गमले में पानी जमा न होने दें।
समय पर छंटाई-सूखी, कमजोर और रोगग्रस्त टहनियों कोसाफ करें। इससे नई शाखाओं के विकास में मदद मिलतीहै।
मिट्टी की गुणवत्ता-गमले की मिट्टी भुरभुरी और अच्छी जलनिकासी वाली होनी चाहिए।
कीटों से बचाव-पत्तियों और नई टहनियों पर एफिड्स जैसेछोटे कीटों की जांच करते रहें।


इन गलतियों से बचें

कई बार लोग ज्यादा फूल पाने के चक्कर में पौधे में जरूरत से ज़्यादा खाद डाल देते हैं। ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है। अधिक खाद से जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है और पौधे की पत्तियां तो खूब बढ़ सकती हैं, लेकिन फूल कम आ सकते हैं।इसलिए किसी भी घरेलू खाद का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें।किचन के कचरे को सीधे मिट्टी में डालने के बजाय कंपोस्ट बनाकर इस्तेमाल करना बेहतर है।