रायपुर. राजधानी के रहवासियों को आने वाले सालों में पीने के लिए भरपूर शुद्ध पानी मिलेगा. इसके लिए रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के साथ मिलकर शहर के मध्य स्थित बूढ़ा तालाब झील के जल के शुुद्धिकरण की परियोजना पर गुरुवार से काम शुरु कर दिया है. लगभग 17.90 करोड़ रुपए की लागत वाली यह परियोजना 18 माह में पूरी होगी. भेल आगामी 10 वर्षाे तक इस परियोजना का संचालन करेगा.

रायपुर स्मार्ट सिटी ने इसके लिए कार्यादेश जारी कर आज से परियोजना पर कार्य भी शुरु कर दिया है. रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध संचालक शिव अनंत तायल की उपस्थिति में रायपुर स्मार्ट सिटी की तकनीकी टीम, भेल व टाटा कंसलटेंसी के अधिकारियों की ‘किक ऑफ’ मीटिंग हुई, जिसमें इस परियोजना पर विस्तार से चर्चा हुई. श्री तायल ने इस प्रोजेक्ट के चरणबद्ध माॅनिटरिंग व नियत समय में पूर्णता के संबंध में दिशा निर्देश भी दिए.


तालाबों की स्वच्छता व संरक्षण की इस परियोजना के तहत एसबीआर (अनुक्रमिक बैच रिएक्टर) तकनीक से वेस्ट वाॅटर का शुद्धिकरण करने 3 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बूढ़ा तालाब में मारवाड़ी श्मशान के निकट नगर निगम के रिक्त भू-खण्ड पर स्थापित किया जाएगा. बूढ़ा तालाब झील शुद्धिकरण परियोजना से उच्च गुणवत्ता के स्वच्छ पानी का तालाब में विसर्जन संभव होगा, इसके लिए नेहरू नगर नाला में सीवरेज का ट्रीटमेंट इसके अंतर्गत होगा. जल परितंत्र को बनाए रखते हुए जलीय जीव-जन्तुओं के लिए भी यह प्रक्रिया लाभकारी होगी.

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नगर के विभिन्न तालाबों के संरक्षण, शुद्धिकरण व उपयोगिता बढ़ाने के लिए सतत् कार्य योजना बनाकर कार्य किया जा रहा है. बैठक में स्मार्ट सिटी के मैनेजर प्रमोद भास्कर, वित्त अधिकारी अरविंद मिश्रा, भेल-हैदराबाद के सीनियर इंजीनियर नमन अग्रवाल, सीनियर मैनेजर अंबिका दास, जया कुमार, भेल-दिल्ली के सीनियर मैनेजर अजय कुमार, मनीष देव, टीसीई के टीम लीडर अभिजीत चटर्जी भी शामिल थे.