CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijit Deepke) दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी दादी सावित्रीबाई दीपके को अंतिम विदाई दी। इस दौरान अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की कार्रवाई को लेकर भी अपनी बात रखी और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका यह बयान 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने की घटना के बाद सामने आया है।
अभिजीत दीपके ने पुरुष पुलिसकर्मियों पर लगाए गए कथित छेड़छाड़ के आरोपों और दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस को इस मामले में जवाब देना चाहिए। दीपके के मुताबिक, महिला पुलिसकर्मियों को आगे करने के पीछे पुलिस की अपनी कोई वजह हो सकती है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
अभिजीत दीपके ने कहा, “यह सवाल दिल्ली पुलिस से पूछा जाना चाहिए। मेरा मानना है कि पुरुष पुलिसकर्मियों पर लगे कथित छेड़छाड़ के आरोपों के कारण दिल्ली पुलिस को शर्मिंदगी महसूस हुई होगी। शायद इसी वजह से महिला पुलिसकर्मियों को आगे कर दिया गया, या फिर यह खुद को बचाने का एक तरीका हो सकता है।” दीपके ने ये बातें दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहीं। हालांकि, पुरुष पुलिसकर्मियों पर लगाए गए कथित छेड़छाड़ के आरोपों और उनके पीछे की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
‘हम आप जैसे नहीं हैं’, अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर साधा निशाना
अभिजीत दीपके ने आगे कहा, “उन्हें लगा होगा कि अगर उनकी तरफ से कुछ गलत हुआ, तो वे यह दावा कर सकते हैं कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ अनुचित व्यवहार किया। लेकिन मैं दिल्ली पुलिस को बताना चाहता हूं कि हम आप जैसे नहीं हैं। हम सभ्य और शिक्षित लोग हैं, जो महिलाओं के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना जानते हैं। हम आपकी तरह गुंडे नहीं हैं।”
अपने बयान में दीपके ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई और महिला पुलिसकर्मियों को आगे करने के फैसले पर सवाल उठाए। उनके ये आरोप दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई हिरासत की कार्रवाई को लेकर सामने आए हैं। हालांकि, उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
दादी के निधन के बाद गांव पहुंचे थे अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके के लिए यह समय निजी तौर पर भी मुश्किल रहा। दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद वह महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी पहुंचे। यहां उन्होंने श्मशान घाट जाकर अपनी दादी सावित्रीबाई दीपके को अंतिम विदाई दी। जानकारी के मुताबिक, दीपके 11 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे गांव पहुंचे थे। इस दौरान उनकी दादी के निधन की खबर भी सामने आई। हिरासत से रिहा होने के बाद गांव पहुंचे दीपके ने अपनी दादी को अंतिम विदाई दी और साथ ही दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए कई सवाल उठाए।
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