Heatwave: आखिर कितनी गर्मी झेल सकता है हमारा शरीर
Heatwave: आखिर कितनी गर्मी झेल सकता है हमारा शरीर
भारत मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में लू की चेतावनी जारी की है.
भारत मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में लू की चेतावनी जारी की है.
इसी बीच आइए जानते हैं कि इंसानी शरीर कितनी ज्यादा गर्मी को बर्दाश्त कर सकता है.
इसी बीच आइए जानते हैं कि इंसानी शरीर कितनी ज्यादा गर्मी को बर्दाश्त कर सकता है.
इंसान का शरीर सिर्फ तापमान पर ही प्रतिक्रिया नहीं करता बल्कि यह गर्मी और नमी के मेल पर भी प्रतिक्रिया करता है. इसे वेट बल्ब तापमान कहा जाता है.
इंसान का शरीर सिर्फ तापमान पर ही प्रतिक्रिया नहीं करता बल्कि यह गर्मी और नमी के मेल पर भी प्रतिक्रिया करता है. इसे वेट बल्ब तापमान कहा जाता है.
पहले वैज्ञानिकों का ऐसा मानना था कि इंसान 35 डिग्री सेल्सियस तक के वेट बल्ब तापमान को सहन कर सकते हैं.
पहले वैज्ञानिकों का ऐसा मानना था कि इंसान 35 डिग्री सेल्सियस तक के वेट बल्ब तापमान को सहन कर सकते हैं.
लगभग 30 डिग्री सेल्सियस से 31 डिग्री सेल्सियस तक. इस सीमा से आगे शरीर खुद को प्रभावी ढंग से ठंडा नहीं कर पाता.
लगभग 30 डिग्री सेल्सियस से 31 डिग्री सेल्सियस तक. इस सीमा से आगे शरीर खुद को प्रभावी ढंग से ठंडा नहीं कर पाता.
एक बार जब शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है तो हीट स्ट्रोक का खतरा गंभीर हो जाता है.
एक बार जब शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है तो हीट स्ट्रोक का खतरा गंभीर हो जाता है.
इस चरण में शरीर का कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है. इससे चक्कर आना, भ्रम और यहां तक की बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं.
इस चरण में शरीर का कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है. इससे चक्कर आना, भ्रम और यहां तक की बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं.
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