मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग से दुनियाभर के बाजारों में पिछले कई दिनों से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है.
ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद रखने और अमेरिकी नेवी की नाकाबंदी ने कई देशों में फ्यूल क्राइसिस को बढ़ा दिया है.
ब्रेंट क्रूड फिर से 87-88 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है.
अगर हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल या उससे भी ऊपर जा सकती हैं.
डेटा के मुताबिक,भारत में कच्चा तेल 55.18 रुपये प्रति लीटर में आ जाता है. इसपर 3.82 पैसे तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का मार्जिन जोड़ा जाता है.
यानी ये मार्जिन तेल कंपनियों की रिफाइनरी और पाइपलाइन बिछाने का खर्चा हर लीटर में 3.82 रुपये पड़ता है.
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