Hydrogen Train: नॉर्मल ट्रेन से कितनी सस्ती पड़ती है हाइड्रोजन ट्रेन, जानें
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर चली.
करीब 90 किलोमीटर लंबे इस रूट पर चलने वाली 10 कोच की यह ट्रेन लगभग 2 घंटे में सफर पूरा करेगी और रास्ते में करीब 11 स्टेशनों पर रुकेगी.
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में कुल 10 कोच हैं, जिनमें 8 यात्री डिब्बे और 2 पावर कार शामिल हैं.
इसकी कुल क्षमता करीब 2400 किलोवाट है और इसमें लगभग 2600 यात्री सफर कर सकते हैं.
सामान्य संचालन के दौरान इसकी रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी.
यह दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक है. इसे चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में तैयार किया गया है
एक नई हाइड्रोजन ट्रेन को बनाने में करीब 41 से 50 करोड़ रुपये का खर्चा आता है, जो सामान्य डीजल ट्रेन की 27 करोड़ रुपये की लागत से 20-30% अधिक है.
जींद-सोनीपत के बीच देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन शुरू, जानें किराया
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