India Heatwave 2026: जानिए सुपर अल नीनो का भारत पर कितना बड़ा असर?

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण इस बार सुपर एल नीन्यो का असर और ज्यादा खतरनाक हो सकता है.

'अल नीनो' स्पेनिश भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है 'छोटा बच्चा' या 'बालक'.

यह नाम मौसम में होने वाले एक बड़े बदलाव को दिया गया है, जो हर कुछ साल में प्रशांत महासागर में दिखाई देता है.

स्पेनिश नाम होने की वजह यह है कि दक्षिण अमेरिका के कई देशों पर पहले स्पेन का शासन था और वहां स्पेनिश भाषा बोली जाती है.

इसी कारण इस मौसमी बदलाव का नाम भी स्पेनिश में पड़ा

भारत में मानसून मुख्य रूप से अरब सागर और हिंद महासागर से आने वाली नम हवाओं पर निर्भर करता है .

लेकिन अल नीनो के दौरान हवा का पूरा पैटर्न बदल जाता है. जो हवाएं भारत की तरफ नमी लेकर आती हैं, वे कमजोर पड़ जाती हैं या दिशा बदल लेती हैं.

इससे भारत में बादल कम बनते हैं और बारिश घट जाती है. अप्रैल, मई और जून में जब आसमान साफ रहता है, तो सूरज की किरणें सीधे जमीन पर पड़ती हैं .

इससे जमीन तेजी से गर्म होती है और उत्तर भारत, मध्य भारत, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे इलाकों में भीषण गर्मी पड़ती है.

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