एक साल में इतना तेल खा जाते हैं भारतीय, आंकड़ों जान रह जाएंगे हैरान
एक साल में इतना तेल खा जाते हैं भारतीय, आंकड़ों जान रह जाएंगे हैरान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से खाने के तेल की खपत कम करने की विशेष अपील की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से खाने के तेल की खपत कम करने की विशेष अपील की है.
पीएम मोदी ने न केवल तेल कम खाने, बल्कि एक साल तक सोना न खरीदने, ईंधन बचाने और विदेशी यात्राओं से बचने जैसी महत्वपूर्ण बातें भी कहीं.
पीएम मोदी ने न केवल तेल कम खाने, बल्कि एक साल तक सोना न खरीदने, ईंधन बचाने और विदेशी यात्राओं से बचने जैसी महत्वपूर्ण बातें भी कहीं.
भारत में खाना पकाने के लिए मुख्य रूप से सरसों, सोयाबीन और पाम तेल का उपयोग होता है, जिनमें से पाम तेल का बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है.
भारत में खाना पकाने के लिए मुख्य रूप से सरसों, सोयाबीन और पाम तेल का उपयोग होता है, जिनमें से पाम तेल का बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2022-23 में भारत में प्रति व्यक्ति खाने के तेल की औसत खपत 19.50 लीटर दर्ज की गई थी.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2022-23 में भारत में प्रति व्यक्ति खाने के तेल की औसत खपत 19.50 लीटर दर्ज की गई थी.
यह आंकड़ा चौंकाने वाला इसलिए है क्योंकि यह दर्शाता है कि एक औसत भारतीय अपनी सेहत की तुलना में स्वाद को कितनी अधिक प्राथमिकता दे रहा है.
यह आंकड़ा चौंकाने वाला इसलिए है क्योंकि यह दर्शाता है कि एक औसत भारतीय अपनी सेहत की तुलना में स्वाद को कितनी अधिक प्राथमिकता दे रहा है.
साल 1994-95 में भारत में प्रति व्यक्ति तेल की खपत महज 7.3 लीटर थी. यानी आज हम 1990 के दशक की तुलना में लगभग तीन गुना ज्यादा तेल खा रहे हैं.
साल 1994-95 में भारत में प्रति व्यक्ति तेल की खपत महज 7.3 लीटर थी. यानी आज हम 1990 के दशक की तुलना में लगभग तीन गुना ज्यादा तेल खा रहे हैं.
साल 2014-15 में प्रति व्यक्ति तेल की खपत 18.3 लीटर थी. इसके बाद साल 2020-21 में यह आंकड़ा बढ़कर 18.7 लीटर प्रति व्यक्ति तक पहुंच गया.
साल 2014-15 में प्रति व्यक्ति तेल की खपत 18.3 लीटर थी.
इसके बाद साल 2020-21 में यह आंकड़ा बढ़कर 18.7 लीटर प्रति व्यक्ति तक पहुंच गया.
2020-21 से 2022-23 के बीच महज दो साल के अंतराल में ही इसमें करीब 0.80 लीटर का इजाफा हुआ
2020-21 से 2022-23 के बीच महज दो साल के अंतराल में ही इसमें करीब 0.80 लीटर का इजाफा हुआ
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