Temple Donations: कब से शुरू हुई मंदिरों में दान देने की परंपरा? जानिए
Temple Donations: कब से शुरू हुई मंदिरों में दान देने की परंपरा? जानिए
भारत में दान देने की परंपरा वैदिक काल से चलती आ रही है. वैदिक काल यानी करीब 5,000 साल पहले से.
भारत में दान देने की परंपरा वैदिक काल से चलती आ रही है. वैदिक काल यानी करीब 5,000 साल पहले से.
जिसमें दान का अर्थ माना जाता है बिना किसी उम्मीद के किसी को कुछ देना.
जिसमें दान का अर्थ माना जाता है बिना किसी उम्मीद के किसी को कुछ देना.
बृहदारण्यक उपनिषद में भी कहा गया है कि एक अच्छे इंसान में तीन गुण होने चाहिए दम, दया और दान.
बृहदारण्यक उपनिषद में भी कहा गया है कि एक अच्छे इंसान में तीन गुण होने चाहिए दम, दया और दान.
प्राचीन भारत में मंदिर सिर्फ पूजा की जगह नहीं थे, वे पूरे समाज की जरूरतें पूरी करते थे.
प्राचीन भारत में मंदिर सिर्फ पूजा की जगह नहीं थे, वे पूरे समाज की जरूरतें पूरी करते थे.
जो दान मंदिरों को मिलता था, उससे गरीबों को खाना, गरीब बच्चों की पढ़ाई-लिखाई होती थी.
जो दान मंदिरों को मिलता था, उससे गरीबों को खाना, गरीब बच्चों की पढ़ाई-लिखाई होती थी.
हमारे पूर्वजों ने यही सोचकर मंदिरों में दान देना शुरू किया था, ताकि इससे धन संकट के समय पूरे समाज के काम आएगा.
हमारे पूर्वजों ने यही सोचकर मंदिरों में दान देना शुरू किया था, ताकि इससे धन संकट के समय पूरे समाज के काम आएगा.
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