साल में 2 बार सूर्य देव स्वयं करते हैं मां अंबाबाई का तिलक, जानें अनोखी परंपरा

महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में एक ऐसी ही खास परंपरा जुड़ी है, जिसे किरणोत्सव कहा जाता है

कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर में हर साल सूर्य की किरणें सीधे गर्भगृह में प्रवेश करती हैं.  मां अंबाबाई की मूर्ति के चरणों से होते हुए उनके चेहरे तक पहुंचती हैं

इसे ही किरणोत्सव या सूर्य किरण महोत्सव कहा जाता है. यह नजारा बेहद अलौकिक और देखने लायक होता है

साल में कब और किन दिनों होती है यह घटना यह सूर्य-पूजा जैसी अनूठी खगोलीय घटना साल में दो बार, विशेष तिथियों पर घटित होती है. – पहली अवधि- 31 जनवरी,1 और 2 फरवरी को – दूसरी अवधि- 9, 10 और 11 नवंबर को

इन 2 दिनों में तीन-तीन दिनों के लिए सू्र्य की किरणें गर्भगृह में प्रवेश करती हैं. इस दौरान, सूर्यास्त के समय सूरज की आखिरी किरणें मंदिर के मुख्य द्वार से होते हुए सीधे गर्भगृह तक पहुंचती हैं

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