Vat Saviri Vrat 2026: वट सावित्री व्रत में बांस के हाथ पंखे का क्या है महत्व, जानें

वट सावित्री का पावन पर्व ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है. यह व्रत सुहागिन स्त्री के लिए विशेष महत्व रखता है.

धार्मिक मान्यतानुसार वट सावित्री का पर्व मुख्य रूप से सत्यवान और सावत्रि से जड़ी है.

वट सावित्री के दिन महिलाएं उपवास रखकर वट वृक्ष के पास पूजा करती हैं.

वट सावित्री व्रत की पूजा में कई तरह की पूजा सामग्रियों की जरूरत पड़ती है. महिलाएं पर्व से पहले ही दो बांस के पंखे खरीदती हैं, जिसे बेना भी कहते हैं.

कथा के अनुसार, जब सावित्री अपने पति सत्यवान की प्राणों की रक्षा के लिए यमराज से पीछे जा रही थी, तभी उसने देखा कि सत्यवान का शरीर निडाल हो गया है.

तब सावित्री ने ज्येष्ठ माह की प्रचंड गर्मी में बांस के पंखे से सत्यवान को हवा देकर ठंडक दी.

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