इससे पहले सोनम वांगचुक ने कब-कब और क्यों की भूख हड़ताल? जानिये

लद्दाख के पर्यावरण सोनम वांगचुक का ध्यान हमेशा से लद्दाख के पर्यावरण, संस्कृति और स्थानीय अधिकारों की रक्षा पर रहा है.

पर्यावरण बचाने के लिए क्लाइमेंट फास्ट जून 2023 में सोनम वांगचुक ने लद्दाख के नाजुक इकोसिस्टम की तरफ दुनिया का ध्यान खींचने के लिए 9 दिनों का क्लाइमेट फास्ट किया था.

शून्य से नीचे तापमान में किए गए इस उपवास का मकसद हिमालयी ग्लेशियरों को पिघलने से बचाना और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करना था.

21 दिनों का मैराथन अनशन साल 2024 के मार्च महीने में सोनम वांगचुक ने लद्दाख के इतिहास की सबसे लंबी भूख हड़तालों में से एक का नेतृत्व किया

लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची लागू करने की मुख्य मांग को लेकर वे लगातार 21 दिनों तक अनशन पर रहे.

दिल्ली में 16 दिनों की भूख हड़ताल मार्च आंदोलन के बाद भी जब केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस हल नहीं निकला, तो अक्टूबल 2024 में वांगचुक ने अपनी मांगों को लेकर राजधानी दिल्ली का रुख किया.

उन्होंने लगातार 16 दिन तक दिल्ली में उपवास रखा था, जिससे लद्दाख का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर गरमा गया था.

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