कामिका एकादशी का नाम ‘कामिका’ क्यों पड़ा,क्यों रखा जाता है ये व्रत

कामिका एकादशी 2026 में 9 अगस्त को है.

कामिका एकादशी व्रत का फल अत्यंत दुर्लभ और महिमाशाली बताया गया है.

ब्रह्मवैवर्त पुराण और पद्म पुराण में इसके लाभों का विस्तृत वर्णन मिलता है.

इस व्रत को करने से ब्रह्महत्या जैसे महापापों के दुष्परिणाम और जन्म-जन्मांतर के कुकर्मों के प्रभाव पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं.

यह पावन व्रत इंसान को हर प्रकार के कष्टों से मुक्ति दिलाकर जीवन में समृद्धि लाता है.

सावन के कृष्ण पक्ष की एकादशी का नाम कामिका एकादशी है.

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