बांके बिहारी मंदिर में सिर्फ जन्माष्टमी की रात ही क्यों होती है मंगला आरती? जानें
भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को ही भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था
इसलिए इस दिन को जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है.
इसी दिन वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में साल की इकलाैती मंगला आरती होती है
इस आरती को देखने के लिए बड़ी संख्या में भक्त वृंदावन आते हैं। आखिर ऐसा क्यों चलिए जानते है...
बांके बिहारी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा बच्चे के रूप में की जाती है। भक्त भी ठाकुर जी को एक छोटे बच्चे की तरह ही मानते हैं
इसी वजह से उनके रूटीन को लेकर भी बाल रूप से जुड़ी भावनाओं का ध्यान रखा जाता है
मंगला आरती आमतौर पर सुबह बहुत जल्दी होती है, लेकिन मान्यता है कि छोटे बच्चे को सुबह जल्दी उठाने के बजाय उसे आराम से सोने देना चाहिए
इसी वजह से बांके बिहारी जी को भी सुबह देर तक सोने दिया जाता है, जब वह अपनी नींद पूरी करके उठें, तभी उनके दर्शन भक्तों को मिलें
पूरे साल सुबह मंगला आरती नहीं होती,भगवान कृष्ण का जन्म आधी रात को हुआ था। इसलिए जन्माष्टमी की रात को मंदिर में जन्म उत्सव मनाया जाता है
रात 12 बजे कृष्ण जन्म के बाद खास पूजा होती है और इसी मौके पर मंगला आरती भी की जाती है
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