Western Rajasthan drought and water crisis: पश्चिमी राजस्थान में बारिश की कमी के बीच बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर में पानी व चारे का संकट गहराने की बात सामने आई है। फसल खराबे और पशुधन के लिए बढ़ती मुश्किलों को देखते हुए बायतु विधायक हरीश चौधरी ने शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में पशु राहत शिविर शुरू करने, पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने और ग्रामीणों को रोजगार देने वाले राहत कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग की है।

चारा डिपो खोलने की घोषणा पर उठाए सवाल

हरीश चौधरी ने पत्र में कहा कि बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर जिलों में बारिश की कमी के कारण गंभीर जल संकट पैदा हो गया है। ग्रामीण इलाकों के तालाबों और नाड़ियों में पानी कम होने से आम लोगों के साथ पशुधन के सामने भी पेयजल और चारे की समस्या बढ़ रही है। चौधरी के मुताबिक, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 30 सितंबर को बाड़मेर दौरे के दौरान चारा डिपो खोलने की घोषणा की थी। उन्होंने दावा किया कि घोषणा के 10 दिन बाद भी प्रभावित इलाकों में चारा डिपो शुरू नहीं हो पाए हैं। विधायक ने कहा कि ऐसे हालात में सिर्फ घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं। प्रभावित लोगों और पशुपालकों तक जल्द राहत पहुंचाना जरूरी है।

पशुओं के लिए टैंकर से पानी पहुंचाने की मांग

हरीश चौधरी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर के संकटग्रस्त गांवों तथा ढाणियों में पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पशुओं के लिए टैंकरों के माध्यम से नियमित जलापूर्ति शुरू करने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि समय पर पानी और चारे की व्यवस्था होने से पशुधन को राहत मिल सकती है। उन्होंने संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को तत्काल प्रभावी निर्देश देने का आग्रह किया है।

विधायक ने रखीं चार प्रमुख मांगें

1. पशु राहत शिविर शुरू हों: प्रभावित पशुपालकों को चारा और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पशु राहत शिविर तत्काल शुरू किए जाएं।

2. पानी की नियमित आपूर्ति हो: संकटग्रस्त गांवों और ढाणियों में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जाए, ताकि पशुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था हो सके।

3. चारा डिपो जल्द खोले जाएं: घोषित चारा डिपो शुरू कर पशुपालकों को रियायती दरों पर चारा उपलब्ध कराया जाए।

4. रोजगार और अकाल राहत कार्य शुरू हों: ग्रामीण क्षेत्रों में राहत कार्य तत्काल शुरू किए जाएं, ताकि संकट से प्रभावित परिवारों को रोजगार और आर्थिक सहारा मिल सके।

सरकार से तत्काल कार्रवाई का आग्रह

हरीश चौधरी ने पत्र में कहा कि प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को समय पर कार्रवाई करनी चाहिए। उनकी मांग है कि पशुधन के संरक्षण के साथ ग्रामीण परिवारों को भी राहत दी जाए। फिलहाल, चारा डिपो शुरू करने, पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था और राहत कार्यों को लेकर सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

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