Lifestyle Desk :- खाना खाने के बाद कभी-कभार डकार आना बिल्कुल सामान्य है। दरअसल, जब हम खाते-पीते या बात करते समय हवा निगल लेते हैं, तो शरीर उस अतिरिक्त हवा को बाहर निकालता है। लेकिन अगर आपको दिनभर बार-बार डकार आती रहती है और यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो इसे सिर्फ सामान्य गैस समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार बार-बार डकार आना पाचन तंत्र से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकता है।

बार-बार डकार आने की क्या वजह हो सकती है?

डकार आने की सबसे आम वजह पेट में अतिरिक्त हवा पहुंचना है। बहुत तेजी से खाना खाना, खाते समय ज्यादा बात करना, स्ट्रॉ से ड्रिंक पीना, च्यूइंग गम चबाना और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पीने से शरीर में ज्यादा हवा जा सकती है। इससे डकार बढ़ सकती है।इसके अलावा कुछ लोगों को कुछ खाद्य पदार्थों के कारण भी गैस और डकार की समस्या हो सकती है। बहुत ज्यादा तला-भुना या मसालेदार भोजन खाने के बाद भी पाचन संबंधी परेशानी महसूस हो सकती है।

एसिड रिफ्लक्स भी हो सकता है कारण

बार-बार डकार आने के पीछे एसिड रिफ्लक्स एक वजह हो सकती है। इसमें पेट का एसिड या भोजन ऊपर की ओर भोजन नली में आने लगता है। इसके साथ सीने में जलन, मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद, पेट फूलना और लेटने पर परेशानी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।अगर डकार के साथ बार-बार सीने में जलन या खट्टे डकार आते हैं, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

गैस्ट्राइटिस और अपच से भी हो सकती है परेशानी

पेट की अंदरूनी परत में सूजन को गैस्ट्राइटिस कहा जाता है। इसके कारण पेट में दर्द या जलन, मतली, पेट फूलना और डकार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसी तरह अपच होने पर भी खाना खाने के बाद भारीपन, पेट फूलना और बार-बार डकार आने की शिकायत हो सकती है।
हालांकि, सिर्फ डकार आने के आधार पर किसी बीमारी का पता नहीं लगाया जा सकता। इसके लिए दूसरे लक्षणों और व्यक्ति की मेडिकल हिस्ट्री को भी देखना जरूरी होता है।

डकार कम करने के लिए क्या करें?

अगर डकार सामान्य रूप से गैस या हवा निगलने की वजह से हो रही है, तो कुछ आदतों में बदलाव मददगार हो सकता है।
1-खाना धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं।
2-खाते समय बहुत ज्यादा बात करने से बचें।
3-कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन कम करें।
4-च्यूइंग गम और हार्ड कैंडी का ज्यादा सेवन न करें।
5-बहुत ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन खाने से बचें।
6-भोजन के तुरंत बाद लेटने की आदत से बचें।
7-एक बार में बहुत ज्यादा खाने के बजाय संतुलित मात्रा में भोजन करें।

कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?

अगर डकार की समस्या लगातार बनी हुई है और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित कर रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासकर अगर इसके साथ तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, निगलने में परेशानी, बिना कोशिश के वजन कम होना, खून की उल्टी या काले रंग का मल जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।इसी तरह डकार के साथ सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक पसीना आए तो इसे केवल गैस मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कभी-कभार डकार आना शरीर की सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन बार-बार और लगातार डकार आना पाचन संबंधी समस्या की ओर इशारा कर सकता है। इसके पीछे साधारण कारणों से लेकर एसिड रिफ्लक्स या गैस्ट्राइटिस जैसी स्थितियां हो सकती हैं। इसलिए अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं, तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच और उचित सलाह लेना बेहतर है।